पूर्णिया में फर्जी क्लिनिक को प्रशासन ने सील किया:फर्जी डॉक्टर कर रहे थे ऑपरेशन, एएनएम-मेडिकल स्टाफ भी निकले झोलाछाप

पूर्णिया में फर्जी क्लिनिक को प्रशासन ने सील किया:फर्जी डॉक्टर कर रहे थे ऑपरेशन, एएनएम-मेडिकल स्टाफ भी निकले झोलाछाप

पूर्णिया के बनमनखी में फर्जी क्लिनिक का भंडाफोड़ हुआ है। SDM की रेड पड़ते ही फर्जी क्लिनिक में हड़कंप मच गया। बाहर से बंद दिखने वाले इस क्लिनिक के अंदर इलाज चल रहा था और कई मरीज भर्ती थे। क्लिनिक के पास लाइसेंस तक नहीं था । क्लिनिक फर्जी डॉक्टर, फर्जी एएमएम और फर्जी मेडिकल स्टाफ के भरोसा चल रहा था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने मौके पर ही क्लिनिक को सील कर दिया। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि वे इलाके में जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक क्लिनिक बाहर से बंद मिला, लेकिन अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। शक होने पर ताला तुड़वाया गया और टीम के साथ अंदर पहुंचे। अंदर का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। छोटे से जगह में भारी भीड़ थी। साफ-सफाई और इलाज के जरूरी मानकों का बिल्कुल पालन नहीं किया जा रहा था। वहां सिर्फ एक महिला मौजूद थी, जिसने खुद को एएनएम बताया। कथित एएनएम ने बताया कि क्लिनिक का संचालन संतोष यादव करता है और एक डॉक्टर का नाम भी लिया गया। जांच में पता चला कि क्लिनिक के अंदर 6 मरीज भर्ती थे और उनके साथ 27 परिजन मौजूद थे। कुछ मरीजों का ऑपरेशन हुआ था, जबकि कई महिलाएं प्रसव पीड़ा से गुजर रही थीं। हालात को गंभीर देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। अनुमंडलीय अस्पताल से एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को बुलाया गया और सभी मरीजों को सुरक्षित अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। वैध लाइसेंस या जरूरी कागजात नहीं थे इस क्लिनिक के पास कोई वैध लाइसेंस या जरूरी कागजात नहीं थे। यानी पूरी तरह अवैध तरीके से यह क्लिनिक चलाया जा रहा था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने मौके पर ही क्लिनिक को सील कर दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई डीएम अंशुल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत की गई। एसडीएम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने अनुमंडलीय अस्पताल के 1 किलोमीटर के दायरे में चल रहे निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर, पैथोलॉजी और दवा दुकानों की भी जांच की। जांच ने कई जगह सब कुछ ठीक मिला, लेकिन कुछ स्थानों पर भारी गड़बड़ियां भी सामने आईं। एसडीएम प्रमोद कुमार ने साफ कहा कि यह अभियान मरीजों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना नियम और बिना लाइसेंस के कोई भी क्लिनिक या अस्पताल नहीं चलने दिया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पूर्णिया के बनमनखी में फर्जी क्लिनिक का भंडाफोड़ हुआ है। SDM की रेड पड़ते ही फर्जी क्लिनिक में हड़कंप मच गया। बाहर से बंद दिखने वाले इस क्लिनिक के अंदर इलाज चल रहा था और कई मरीज भर्ती थे। क्लिनिक के पास लाइसेंस तक नहीं था । क्लिनिक फर्जी डॉक्टर, फर्जी एएमएम और फर्जी मेडिकल स्टाफ के भरोसा चल रहा था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने मौके पर ही क्लिनिक को सील कर दिया। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि वे इलाके में जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक क्लिनिक बाहर से बंद मिला, लेकिन अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। शक होने पर ताला तुड़वाया गया और टीम के साथ अंदर पहुंचे। अंदर का नजारा बेहद चौंकाने वाला था। छोटे से जगह में भारी भीड़ थी। साफ-सफाई और इलाज के जरूरी मानकों का बिल्कुल पालन नहीं किया जा रहा था। वहां सिर्फ एक महिला मौजूद थी, जिसने खुद को एएनएम बताया। कथित एएनएम ने बताया कि क्लिनिक का संचालन संतोष यादव करता है और एक डॉक्टर का नाम भी लिया गया। जांच में पता चला कि क्लिनिक के अंदर 6 मरीज भर्ती थे और उनके साथ 27 परिजन मौजूद थे। कुछ मरीजों का ऑपरेशन हुआ था, जबकि कई महिलाएं प्रसव पीड़ा से गुजर रही थीं। हालात को गंभीर देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। अनुमंडलीय अस्पताल से एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को बुलाया गया और सभी मरीजों को सुरक्षित अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। वैध लाइसेंस या जरूरी कागजात नहीं थे इस क्लिनिक के पास कोई वैध लाइसेंस या जरूरी कागजात नहीं थे। यानी पूरी तरह अवैध तरीके से यह क्लिनिक चलाया जा रहा था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने मौके पर ही क्लिनिक को सील कर दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई डीएम अंशुल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत की गई। एसडीएम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने अनुमंडलीय अस्पताल के 1 किलोमीटर के दायरे में चल रहे निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक, अल्ट्रासाउंड सेंटर, पैथोलॉजी और दवा दुकानों की भी जांच की। जांच ने कई जगह सब कुछ ठीक मिला, लेकिन कुछ स्थानों पर भारी गड़बड़ियां भी सामने आईं। एसडीएम प्रमोद कुमार ने साफ कहा कि यह अभियान मरीजों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना नियम और बिना लाइसेंस के कोई भी क्लिनिक या अस्पताल नहीं चलने दिया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।  

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