औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड अंतर्गत सलैया थाना क्षेत्र में स्थित चाल्हो पहाड़ पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। हथियार, कारतूस और भारी मात्रा में देसी शराब बरामद की है। इस छापेमारी को सुरक्षा एजेंसियों की एक अहम सफलता माना जा रहा है, क्योंकि बरामद सामान का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों या अवैध कारोबार में किया जा सकता था। थाना अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पीरवा गांव के पास चाल्हो पहाड़ इलाके में अपराधियों की ओर से हथियार और शराब छिपाकर रखे गए हैं। सूचना मिलते ही जिला पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। इसके बाद इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। 50 लीटर देसी शराब बरामद तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने पहाड़ पर पत्थरों के बीच बेहद चालाकी से छिपाकर रखे गए दो देसी थरनट,दो जिंदा कारतूस और करीब 50 लीटर देसी शराब बरामद की। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का उपयोग किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने या अवैध शराब कारोबार की सुरक्षा के लिए किया जाना था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन सामानों को वहां किसने और किस उद्देश्य से छिपाया था। बरामदगी के बाद सलैया थाना में सुसंगत धाराओं के तहत कांड संख्या 30/26 दर्ज कर लिया गया है। सलैया थानाध्यक्ष कन्हैया शर्मा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और क्षेत्र के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, चाल्हो पहाड़ का इलाका काफी बीहड़ और सुनसान है। यहां घनी झाड़ियां और बड़े-बड़े पत्थर होने के कारण अपराधी अक्सर इस स्थान का उपयोग छिपने और अवैध सामान रखने के लिए करते हैं। यह पहला मामला नहीं है, जब इस क्षेत्र से हथियार बरामद किए गए हों। पिछले साल भी इसी इलाके से एक देसी रायफल मिलने की बात सामने आई थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते इस तरह की कार्रवाई से संभावित आपराधिक घटनाओं को रोका जा सकता है। इस छापेमारी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त कर दी गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।चाल्हो पहाड़ पर की गई यह संयुक्त कार्रवाई पुलिस और एसटीएफ की सतर्कता और तत्परता का परिणाम है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जखीरे के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उनका मकसद क्या था। औरंगाबाद के मदनपुर प्रखंड अंतर्गत सलैया थाना क्षेत्र में स्थित चाल्हो पहाड़ पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। हथियार, कारतूस और भारी मात्रा में देसी शराब बरामद की है। इस छापेमारी को सुरक्षा एजेंसियों की एक अहम सफलता माना जा रहा है, क्योंकि बरामद सामान का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों या अवैध कारोबार में किया जा सकता था। थाना अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पीरवा गांव के पास चाल्हो पहाड़ इलाके में अपराधियों की ओर से हथियार और शराब छिपाकर रखे गए हैं। सूचना मिलते ही जिला पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। इसके बाद इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। 50 लीटर देसी शराब बरामद तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने पहाड़ पर पत्थरों के बीच बेहद चालाकी से छिपाकर रखे गए दो देसी थरनट,दो जिंदा कारतूस और करीब 50 लीटर देसी शराब बरामद की। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का उपयोग किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने या अवैध शराब कारोबार की सुरक्षा के लिए किया जाना था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन सामानों को वहां किसने और किस उद्देश्य से छिपाया था। बरामदगी के बाद सलैया थाना में सुसंगत धाराओं के तहत कांड संख्या 30/26 दर्ज कर लिया गया है। सलैया थानाध्यक्ष कन्हैया शर्मा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और क्षेत्र के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, चाल्हो पहाड़ का इलाका काफी बीहड़ और सुनसान है। यहां घनी झाड़ियां और बड़े-बड़े पत्थर होने के कारण अपराधी अक्सर इस स्थान का उपयोग छिपने और अवैध सामान रखने के लिए करते हैं। यह पहला मामला नहीं है, जब इस क्षेत्र से हथियार बरामद किए गए हों। पिछले साल भी इसी इलाके से एक देसी रायफल मिलने की बात सामने आई थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते इस तरह की कार्रवाई से संभावित आपराधिक घटनाओं को रोका जा सकता है। इस छापेमारी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और भी सख्त कर दी गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।चाल्हो पहाड़ पर की गई यह संयुक्त कार्रवाई पुलिस और एसटीएफ की सतर्कता और तत्परता का परिणाम है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जखीरे के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उनका मकसद क्या था।


