स्कूल की मान्यता के लिए एक लाख मांगने का आरोप:संचालक बोले- रकम देने से मना किया तो फाइल रोकी; जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत

स्कूल की मान्यता के लिए एक लाख मांगने का आरोप:संचालक बोले- रकम देने से मना किया तो फाइल रोकी; जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत

अलीराजपुर के एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल की कक्षा 9वीं और 10वीं की मान्यता संबंधी फाइल आगे बढ़ाने के बदले एक लाख रुपए मांगने का आरोप लगा है। स्कूल संचालक खेमराज राठौड़ ने जिला शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रुपए देने से इनकार करने के बाद आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर लंबित रखा जा रहा है। मंगलवार, 3 नवंबर को उन्होंने कलेक्टर की जनसुनवाई में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हाईस्कूल की मान्यता लेने में धांधली का आरोप संचालक के अनुसार, पंचेश्वर मार्ग, दाहोद नाका स्थित एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए हाईस्कूल की मान्यता लेने निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया था। आवेदन क्रमांक DPI 27000198 और विद्यालय का UDISE कोड 23490204018 है। इसके लिए 15 अक्टूबर 2026 को निर्धारित शुल्क भी जमा कराया गया था। निरीक्षण के बाद आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया शिकायत के मुताबिक, मान्यता प्रक्रिया के तहत संकुल प्राचार्य और बीईओ स्तर से स्कूल का भौतिक सत्यापन किया जाना था। इसके बाद निरीक्षण रिपोर्ट और मत दर्ज कर फाइल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजी जानी थी। संचालक का आरोप है कि निरीक्षण टीम स्कूल पहुंची, लेकिन इसके बाद जरूरी अभिमत दर्ज कर प्रोसेस आगे नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने शिकायत में बताया कि इसके बाद उन्हें कभी संकुल प्राचार्य तो कभी BEO कार्यालय भेजा जाता रहा। शिकायत में DEO कार्यालय के कर्मचारी धनगर को फाइल देने के लिए कहे जाने का भी उल्लेख किया गया है। 2 नवंबर को भी रुपए मांगने का आरोप संचालक का आरोप है कि मान्यता की फाइल आगे बढ़ाने के बदले उनसे एक लाख रुपए मांगे गए। उनका कहना है कि 2 नवंबर को डीईओ कार्यालय के बाहर भी कथित तौर पर यह मांग दोहराई गई। उन्होंने रुपए देने से इनकार करने के कारण आवेदन लंबित रखे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने आशंका जताई कि तय समय-सीमा समाप्त होने पर आवेदन निरस्त हो सकता है। स्वतंत्र जांच-पोर्टल लॉगिन हिस्ट्री की मांग संचालक ने दावा किया है कि स्कूल में भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी, खेल मैदान, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, निर्धारित आकार के कक्ष और योग्य शिक्षक सहित मान्यता के लिए जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कलेक्टर से जिला पंचायत सीईओ अथवा अपर कलेक्टर की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। शिकायत में पोर्टल की लॉगिन हिस्ट्री निकलवाकर यह पता लगाने का अनुरोध किया गया है कि आवेदन किस अधिकारी के पास कितने समय तक लंबित रहा। संचालक ने यह भी मांग की है कि स्कूल में कोई तकनीकी कमी होने पर लिखित कमी-पत्र जारी किया जाए और सभी मापदंड पूरे होने पर नियमानुसार मान्यता प्रक्रिया पूरी की जाए।

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