नोएडा में पर्थला चौक के जाम से मिलेगी राहत:80 करोड़ से बनेगा 6 लेन अंडरपास, आईआईटी रुड़की से एक सप्ताह में आएगी डीपीआर

नोएडा में पर्थला चौक के जाम से मिलेगी राहत:80 करोड़ से बनेगा 6 लेन अंडरपास, आईआईटी रुड़की से एक सप्ताह में आएगी डीपीआर

पर्थला चौक पर रोजाना लगने वाले जाम से वाहन चालकों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नोएडा प्राधिकरण यहां करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन का अंडरपास बनाने की तैयारी कर रहा है। परियोजना की डीपीआर आईआईटी रुड़की से वेट होकर करीब एक सप्ताह में मिलने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। पर्थला चौक एफएनजी कॉरिडोर और विकास मार्ग का प्रमुख जंक्शन है। यहां गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ओर जाने वाला यातायात मिलता है। भविष्य में फरीदाबाद की ओर कनेक्टिविटी बढ़ने से यहां वाहनों का दबाव और बढ़ने की संभावना है। सुबह और शाम के समय चौक पर लंबे जाम की स्थिति बन जाती है। 710 मीटर लंबा होगा अंडरपास प्रस्ताव के अनुसार पर्थला ब्रिज के नीचे करीब 710 मीटर लंबा अंडरपास बनाया जाएगा। यह छह लेन का होगा और दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन रहेंगी। अंडरपास में करीब 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स और 20 मीटर का खुला हिस्सा होगा। इसके दोनों ओर करीब 280-280 मीटर लंबे पहुंच मार्ग बनाए जाएंगे। बारिश के दौरान अंडरपास में जलभराव न हो, इसके लिए दो संप और पंपिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 80 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य को करीब 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के दौरान डायफ्राम वॉल तकनीक और आरसीसी निर्माण तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे खुदाई के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा ढांचों की स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। इन इलाकों को होगा फायदा
अंडरपास बनने के बाद एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों का आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। पर्थला चौक पर वाहनों के रुकने और जाम की समस्या कम होगी। इस परियोजना का सीधा फायदा सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक, छिजारसी और आसपास के इलाकों के लोगों को मिलेगा। यात्रा समय कम होने के साथ सड़क सुरक्षा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी में भी सुधार की उम्मीद है। डीपीआर आईआईटी रुड़की से वेट होने के लिए भेजी गई है। करीब एक सप्ताह में इसके मिलने की उम्मीद है। इसके बाद प्राधिकरण निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी करेगा।

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