आगरा में पारंपरिक हस्तशिल्प को उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) में छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन सामाजिक विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता एवं अधिष्ठाता प्रशासन प्रो. संगीता कुमार ने किया। वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में पांच उत्पादक कंपनियों के 20 कारीगर हिस्सा ले रहे हैं। इनमें कांच, धातु, लकड़ी, जरी-जरदोजी और बांस शिल्प से जुड़े कारीगर शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य कारीगरों के पारंपरिक कौशल को व्यवसाय प्रबंधन, डिजाइन और बाजार की समझ से जोड़ना है, ताकि वे अपने हुनर को बेहतर व्यावसायिक अवसरों में बदल सकें। उद्घाटन अवसर पर रामजी त्रिपाठी, अमित कुमार मिश्रा, दिनेश सिंह, प्रो. शालिनी दुबे, केंद्र प्रमुख डॉ. पारुल भटनागर और पैनलबद्ध डिजाइनर शिखा चोपड़ा मौजूद रहीं। डीईआई निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन ने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम सात नवंबर तक चलेगा।

