Reliance Industries के Share 12 प्रतिशत उछले, Market Cap 17.59 लाख करोड़ पार

Reliance Industries के Share 12 प्रतिशत उछले, Market Cap 17.59 लाख करोड़ पार

सोमवार को शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने ऐसी तेजी दिखाई कि कंपनी का कुल बाजार मूल्य 17.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली इस कंपनी के शेयरों में करीब 12 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसकी बड़ी वजह कंपनी के दूसरी तिमाही के रिकॉर्ड नतीजे और प्रमुख ब्रोकरेज कंपनियों की ओर से शेयर को लेकर जताया गया भरोसा रहा। अप्रैल 2020 के बाद यह रिलायंस के शेयरों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 11.6 प्रतिशत चढ़कर 1,300 रुपये के भाव पर बंद हुआ, जो दिन का सबसे ऊंचा स्तर भी रहा। इस तेजी के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 17.59 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। एक ही दिन में कंपनी के बाजार मूल्य में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, दोनों पर रिलायंस का शेयर सबसे ज्यादा कारोबार वाले शेयरों में पहले स्थान पर रहा।

रिलायंस के शेयरों में आई तेजी का असर पूरे बाजार पर भी दिखाई दिया। कंपनी का शेयर निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाला शेयर रहा और इसने सूचकांक को ऊपर ले जाने में सबसे बड़ा योगदान दिया। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 1,233 अंक यानी 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,693 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 388 अंक चढ़कर 23,441 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी के पीछे रिलायंस के शेयरों की मजबूत बढ़त को एक अहम वजह माना गया।

गौरतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जुलाई से सितंबर की तिमाही में अब तक का अपना सबसे अच्छा वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 3.62 लाख करोड़ रुपये हो गई। वहीं ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और कर्ज भुगतान से पहले की कमाई 24 प्रतिशत बढ़कर 62,409 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी 34 प्रतिशत बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये हो गया। ये तीनों आंकड़े किसी एक तिमाही के लिहाज से कंपनी के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर हैं।

कंपनी के तेल से रसायन कारोबार ने इस प्रदर्शन में बड़ी भूमिका निभाई। इस कारोबार की आय सालाना आधार पर 44.2 प्रतिशत बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये रही। वहीं इससे होने वाली कमाई 67.9 प्रतिशत उछलकर 25,203 करोड़ रुपये पहुंच गई। इस दौरान पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन के शोधन से मिलने वाला मुनाफा भी काफी मजबूत रहा। ईंधन की बिक्री कीमत और कच्चे तेल की लागत के बीच के अंतर को रिफाइनिंग मार्जिन कहा जाता है। तिमाही के दौरान यह अंतर एक साल पहले के मुकाबले 3 से 3.7 गुना तक बढ़ गया और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

रिलायंस के डिजिटल कारोबार में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। जियो प्लेटफॉर्म्स की आय 11.3 प्रतिशत बढ़कर 47,485 करोड़ रुपये हो गई, जबकि उसकी परिचालन कमाई 16.6 प्रतिशत बढ़कर 21,879 करोड़ रुपये रही। नए ग्राहकों के जुड़ने, प्रति ग्राहक औसत आय बढ़ने और डिजिटल सेवाओं के विस्तार से इस कारोबार को फायदा मिला।

ब्रोकरेज कंपनियों गोल्डमैन सैक्स और नोमुरा ने भी रिलायंस के शेयर पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है। गोल्डमैन सैक्स ने इसका लक्ष्य भाव 1,840 रुपये तय किया है। शुक्रवार के 1,164.90 रुपये के बंद भाव के मुकाबले यह करीब 58 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखाता है। कंपनी के तिमाही नतीजे उसके अनुमान से 9 प्रतिशत बेहतर रहे, जिसमें तेल से रसायन कारोबार का बड़ा योगदान रहा।

वहीं नोमुरा ने 1,560 रुपये का लक्ष्य भाव देते हुए खरीदारी की सलाह जारी रखी है। उसके मुताबिक, रिफाइनिंग कारोबार में कई दशकों के ऊंचे स्तर पर पहुंचे मार्जिन और मजबूत प्रदर्शन से कंपनी को फायदा हुआ है। हालांकि खुदरा कारोबार की कमाई पर दबाव बना हुआ है, लेकिन दूरसंचार और तेल से रसायन कारोबार की मजबूती ने कंपनी के कुल नतीजों को बेहतर बनाया है। ऐसे में निवेशकों की नजरें अब रिलायंस के कारोबार और शेयर की आगे की चाल पर टिकी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *