US और Iran बातचीत की उम्मीद से Crude Oil के दाम 4 फीसदी से ज्यादा गिरे

US और Iran बातचीत की उम्मीद से Crude Oil के दाम 4 फीसदी से ज्यादा गिरे

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद ने सोमवार को वैश्विक बाजारों का माहौल बदल दिया। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट के बीच अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी के संकेत मिले। सोमवार शाम अमेरिकी बाजार खुलने से पहले प्रमुख सूचकांकों के वायदा कारोबार में बढ़त दर्ज की गई। इससे वॉल स्ट्रीट पर नवंबर महीने की शुरुआत सकारात्मक रहने की उम्मीद बढ़ी है।

भारतीय समय के अनुसार शाम करीब 5:45 बजे नैस्डैक 100 के वायदा कारोबार में 0.75 प्रतिशत की तेजी थी। एसएंडपी 500 के वायदा भाव 0.43 प्रतिशत और डाउ जोंस के वायदा भाव 0.47 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे। बाजार में इस सुधार की एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख को लेकर आई खबर रही। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ईरान के साथ बातचीत और कूटनीतिक समाधान के लिए कुछ और समय देना चाहते हैं। इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका कुछ कम हुई है।

इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 109 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। बता दें कि पश्चिम एशिया दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर तेल की आपूर्ति और समुद्री रास्तों पर असर पड़ने का डर रहता है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके उलट, बातचीत की उम्मीद से कीमतों पर दबाव आया है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल में गिरावट राहत की बात मानी जाती है, क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।

सोमवार को एआई और तकनीकी कंपनियों के शेयरों को लेकर भी निवेशकों का भरोसा कुछ बेहतर हुआ। इंटेल के शेयरों में 0.2 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई। इससे पहले शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में 1980 के दशक के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट आई थी। इंटेल ने आने वाली तिमाही के लिए बाजार की उम्मीद से कम आय का अनुमान दिया है। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसे इस साल सकारात्मक नकदी प्रवाह की उम्मीद नहीं है।

वहीं, एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज यानी एएमडी के नतीजे इसी सप्ताह आने वाले हैं। एप्पल के शेयरों में तिमाही नतीजों से पहले 0.4 प्रतिशत की गिरावट रही। कंपनी अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद अपने नतीजे जारी करेगी। दूसरी ओर, स्पेसएक्स और अल्फाबेट के शेयर बाजार खुलने से पहले बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।

एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि जापान का निक्केई 225 गिरावट में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी कारोबार के दौरान तेजी बनी हुई थी। गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

इधर, भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 1,233.25 अंक यानी 1.66 प्रतिशत उछलकर 75,692.78 पर बंद हुआ। यह 7 सितंबर के बाद सेंसेक्स का सबसे ऊंचा बंद स्तर है। वहीं, एनएसई निफ्टी 387.70 अंक यानी 1.68 प्रतिशत बढ़कर 23,440.80 पर पहुंच गया। यह भी 5 सप्ताह से ज्यादा समय का सबसे ऊंचा स्तर है। बाजार की इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी अच्छी बढ़त दर्ज हुई है और अब उनकी नजरें वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के नतीजों पर टिकी हुई हैं।

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