देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद नदी की सफाई नहीं:लोग बोले- किनारे पर कचरे को उठाने के बजाय नगरपालिका कर्मचारी जला रहे

देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद नदी की सफाई नहीं:लोग बोले- किनारे पर कचरे को उठाने के बजाय नगरपालिका कर्मचारी जला रहे

नवरात्र में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद खिलचीपुर की गाड़गंगा नदी को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है। विसर्जन के बाद से अब तक नदी से प्रतिमाओं के अवशेष और पूजन सामग्री नहीं हटाई गई। जगह-जगह जमा कचरे से नदी का पानी दूषित हो रहा है। यहां नहाने आने वाले लोगों को गंदगी के बीच परेशानी उठानी पड़ रही है। नदी की बदहाली यहीं तक सीमित नहीं है। किनारे कचरे का ढेर लगा है, जिसे हटाने के बजाय उसमें आग लगाई जा रही है। आरोप है कि नगर पालिका के कर्मचारी ही यहां कचरा डालते हैं और बाद में उसे जला देते हैं। इससे उठने वाला धुआं आसपास के घरों तक पहुंच रहा है। लोगों का सवाल है कि नदी की सफाई और कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी संभालने वाली नगर पालिका आखिर इस स्थिति पर ध्यान क्यों नहीं दे रही है। विसर्जन के बाद से नहीं हुई सफाई नदी पर मौजूद युवक विशाल मेवाड़े ने बताया कि नवरात्र के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था। इसके बाद से नदी की सफाई नहीं हुई है। पानी में जगह-जगह प्रतिमाओं के अवशेष पड़े हैं। इसके साथ ही पूजन सामग्री और कचरा भी नदी में जमा हो रहा है। इससे नदी का पानी गंदा हो रहा है। यहां नहाने आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि इतने दिनों बाद भी सफाई नहीं होना नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। कचरा उठाने के बजाय लगा देते हैं आग विशाल मेवाड़े के अनुसार, नदी किनारे नगर पालिका के कर्मचारी कचरा लाकर डालते हैं। बाद में इसी कचरे में आग लगा दी जाती है। कचरा जलने से उठने वाला धुआं आसपास के घरों में घुस रहा है। इससे रहवासियों को परेशानी हो रही है। कचरे से बदबू भी फैल रही है। एक तरफ नदी में प्रतिमाओं के अवशेष और पूजन सामग्री पड़ी है, तो दूसरी तरफ किनारे कचरा जलाया जा रहा है। इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने नदी से प्रतिमाओं के अवशेष और पूजन सामग्री हटाने, किनारे जमा कचरे की सफाई कराने तथा खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने की मांग की है।

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