मुजफ्फरपुर के सौरव कजाकिस्तान में दिखाएंगे दम:विश्व सीनियर कुराश चैंपियनशिप में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व; 140 देशों के करीब 600 खिलाड़ी हो रहे शामिल

मुजफ्फरपुर के सौरव कजाकिस्तान में दिखाएंगे दम:विश्व सीनियर कुराश चैंपियनशिप में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व; 140 देशों के करीब 600 खिलाड़ी हो रहे शामिल

मुजफ्फरपुर के कुराश खिलाड़ी सौरव कुमार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। उनका चयन 15वीं विश्व सीनियर कुराश चैंपियनशिप 2026-27 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। वह बिहार के इकलौते खिलाड़ी हैं, जिन्हें इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। चैंपियनशिप 4 से 8 नवंबर तक कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित होगी। इसमें भारत के 16 खिलाड़ी और दो कोच हिस्सा लेंगे। दुनिया के करीब 140 देशों के लगभग 600 खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है। सौरव का चयन 7 से 9 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश के ऊना में आयोजित राष्ट्रीय चयन ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। उन्होंने इस ट्रायल में अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन कर भारतीय टीम में जगह बनाई। वह 4 नवंबर को नई दिल्ली से कजाकिस्तान के लिए रवाना होंगे। बचपन से है कुराश खेलने का शौक, भारत के लिए मेडल जीतने का भरोसा सौरव कुमार ने बताया कि वह विश्व चैंपियनशिप में खेलने को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका लक्ष्य भारत के लिए मेडल जीतना है। उन्हें भरोसा है कि वह प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे। सौरव ने बताया कि उन्हें बचपन से ही कुराश खेल में रुचि रही है। जब वह महज 6 साल के थे, तभी से इस खेल से जुड़ गए थे। अब तक वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं। विश्व चैंपियनशिप में चयन को वह अपनी मेहनत और लंबे अभ्यास का परिणाम मानते हैं। जानिए क्या है कुराश खेल कुराश उज्बेकिस्तान में शुरू हुई पारंपरिक कुश्ती की एक शैली है। इसमें दो खिलाड़ी विशेष जैकेट और बेल्ट पहनकर मुकाबला करते हैं। यह खेल जूडो और कुश्ती की तरह दिखता है, लेकिन इसके नियम अलग हैं। मुकाबले के दौरान खिलाड़ी खड़े होकर ही दांव-पेच लगाते हैं। प्रतिद्वंद्वी को पकड़कर जमीन पर पीठ के बल गिराना मुख्य लक्ष्य होता है। इसमें जमीन पर लड़ाई, गला दबाने और दर्द पहुंचाने वाले दांव की अनुमति नहीं होती। इस खेल में ताकत के साथ संतुलन, पकड़ और सही समय पर दांव लगाने की तकनीक महत्वपूर्ण होती है। खेल जगत ने दी बधाई सौरव के चयन पर बिहार सरकार की खेल एवं युवा कार्य मंत्री श्रेयसी सिंह, राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण, एमेच्योर कुराश एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष व पूर्व सांसद अजय निषाद, महासचिव प्रशांत तिवारी और कुराश एसोसिएशन ऑफ मुजफ्फरपुर के महासचिव सौरव सहित खेल जगत से जुड़े लोगों ने बधाई दी है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि सौरव विश्व चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन कर बिहार और देश का नाम रोशन करेंगे। मुजफ्फरपुर के कुराश खिलाड़ी सौरव कुमार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। उनका चयन 15वीं विश्व सीनियर कुराश चैंपियनशिप 2026-27 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। वह बिहार के इकलौते खिलाड़ी हैं, जिन्हें इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। चैंपियनशिप 4 से 8 नवंबर तक कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित होगी। इसमें भारत के 16 खिलाड़ी और दो कोच हिस्सा लेंगे। दुनिया के करीब 140 देशों के लगभग 600 खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना है। सौरव का चयन 7 से 9 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश के ऊना में आयोजित राष्ट्रीय चयन ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर हुआ है। उन्होंने इस ट्रायल में अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन कर भारतीय टीम में जगह बनाई। वह 4 नवंबर को नई दिल्ली से कजाकिस्तान के लिए रवाना होंगे। बचपन से है कुराश खेलने का शौक, भारत के लिए मेडल जीतने का भरोसा सौरव कुमार ने बताया कि वह विश्व चैंपियनशिप में खेलने को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनका लक्ष्य भारत के लिए मेडल जीतना है। उन्हें भरोसा है कि वह प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेंगे। सौरव ने बताया कि उन्हें बचपन से ही कुराश खेल में रुचि रही है। जब वह महज 6 साल के थे, तभी से इस खेल से जुड़ गए थे। अब तक वह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं। विश्व चैंपियनशिप में चयन को वह अपनी मेहनत और लंबे अभ्यास का परिणाम मानते हैं। जानिए क्या है कुराश खेल कुराश उज्बेकिस्तान में शुरू हुई पारंपरिक कुश्ती की एक शैली है। इसमें दो खिलाड़ी विशेष जैकेट और बेल्ट पहनकर मुकाबला करते हैं। यह खेल जूडो और कुश्ती की तरह दिखता है, लेकिन इसके नियम अलग हैं। मुकाबले के दौरान खिलाड़ी खड़े होकर ही दांव-पेच लगाते हैं। प्रतिद्वंद्वी को पकड़कर जमीन पर पीठ के बल गिराना मुख्य लक्ष्य होता है। इसमें जमीन पर लड़ाई, गला दबाने और दर्द पहुंचाने वाले दांव की अनुमति नहीं होती। इस खेल में ताकत के साथ संतुलन, पकड़ और सही समय पर दांव लगाने की तकनीक महत्वपूर्ण होती है। खेल जगत ने दी बधाई सौरव के चयन पर बिहार सरकार की खेल एवं युवा कार्य मंत्री श्रेयसी सिंह, राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण, एमेच्योर कुराश एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष व पूर्व सांसद अजय निषाद, महासचिव प्रशांत तिवारी और कुराश एसोसिएशन ऑफ मुजफ्फरपुर के महासचिव सौरव सहित खेल जगत से जुड़े लोगों ने बधाई दी है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि सौरव विश्व चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन कर बिहार और देश का नाम रोशन करेंगे।  

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