सरायकेला में थाने के भीतर दुष्कर्म मामले में BJP ने NCW से हस्तक्षेप की मांग की

सरायकेला में थाने के भीतर दुष्कर्म मामले में BJP ने NCW से हस्तक्षेप की मांग की

जमशेदपुर/सरायकेला, एक नवंबर झारखंड में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) को पत्र लिखकर रविवार को आग्रह किया कि वह सरायकेला-खरसावां जिले के एक थाने में महिला से कथित रूप से दुष्कर्म किए जाने के मामले का संज्ञान ले। जमशेदपुर पूर्व की विधायक पूर्णिमा दास साहू ने आयोग को लिखे पत्र में कहा कि गम्हरिया थाने के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखी जानी चाहिए और पीड़िता को कानूनी सलाहकार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। भाजपा की प्रदेश इकाई की उपाध्यक्ष गीता कोड़ा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गम्हरिया में विरोध मार्च निकाला और महिला से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कांस्टेबल को मौत की सजा दिए जाने की मांग की।

महिला 29 अक्टूबर की रात शिकायत दर्ज कराने थाने गई थी, जहां कांस्टेबल ने उससे कथित तौर पर दुष्कर्म किया। इस मामले में थाने के प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित भी किया गया है। साहू ने पत्र में कहा, ‘‘थाना महिलाओं के लिए न्याय और सुरक्षा पाने की जगह है, न कि डर और शोषण की।

यदि रक्षक ही भक्षक बन जाए तो यह समाज और पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय महिला आयोग को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करानी चाहिए। साथ ही थाने के परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जैसे महत्वपूर्ण सबूत सुरक्षित रखने और पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा एवं कानूनी सलाहकार उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए।’’
भाजपा विधायक ने कहा कि केवल पुलिसकर्मियों को निलंबित करना और आरोपी को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि आरोपी के साथ मिलीभगत करने, लापरवाही बरतने या सबूत छिपाने का प्रयास करने में शामिल पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

गम्हरिया में मार्च के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘‘बिगड़ती कानून-व्यवस्था’’ के विरोध में झारखंड की झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार का पुतला फूंका और दोषी के लिए मौत की सजा की मांग की। कोड़ा ने कहा, ‘‘झारखंड में हर दिन कम से कम पांच महिलाएं दुष्कर्म, अपहरण या अत्याचार की शिकार होती हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह बेहद भयावह है कि न्याय की उम्मीद में पुलिस के पास पहुंची महिला से थाने के भीतर ही एक कांस्टेबल ने दुष्कर्म किया। कोड़ा ने कहा, ‘‘विडंबना यह है कि पीड़िता को जब थाने लाया गया, तब वहां एक भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।’’
भाजपा नेता ने प्रत्येक थाने में पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और थानों को महिलाओं के अनुकूल बनाने की मांग की, ताकि महिलाएं बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि बृहस्पतिवार शाम उसका अपने पति से झगड़ा हुआ था और इस आशंका से वह घर छोड़कर चली गई थी कि पति उसके साथ मारपीट कर सकता है। वह एक पड़ोसी के घर गई और वहां से उसने अपने मोबाइल फोन के जरिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने एक बयान में बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) का एक वाहन पड़ोसी के घर पहुंचा और महिला को उसी रात थाने ले आया।

बयान के अनुसार, थाने में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिला को आराम करने के लिए एक कमरा दिया। इसमें कहा गया कि जब महिला कमरे में थी, तब थाने में ‘वायरलेस ऑपरेटर’ के पद पर तैनात कांस्टेबल ने उससे कथित तौर पर दुष्कर्म किया।

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