अमेरिकी चुनावों में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती ताकत, जानिए कौन-कौन आजमा रहा है किस्मत

अमेरिकी चुनावों में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती ताकत, जानिए कौन-कौन आजमा रहा है किस्मत

Donald Trump: अमरीका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले चुनाव प्रक्रिया और मतों की गिनती को लेकर विवाद गहरा गया है। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का प्रशासन अलास्का की सीनेट सीट के मामले में डेमोक्रेट उम्मीदवार मैरी पेल्टोला के सहयोगियों की भूमिका की आपराधिक जांच कर रहा है। आरोप है कि उन्होंने रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन से मिलते-जुलते नाम वाले एक अन्य उम्मीदवार को मैदान में उतारने में मदद की, ताकि मतदाताओं में भ्रम पैदा हो। पेल्टोला ने आरोपों से इनकार किया है। दूसरी ओर, कैलिफोर्निया में न्याय विभाग ने 20 हजार से अधिक संदिग्ध गैर-अमरीकी मतदाताओं के डाक मतपत्रों को अलग रखने की मांग की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। गवर्नर गैविन न्यूसम ने मतगणना से पहले संघीय एजेंसियों के मतपत्र जब्त करने की आशंका भी जताई है।

प्रतिनिधि सभा के लिए भारतीय मूल के 9 उम्मीदवार

अमरीकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की सीटों के लिए भारतीय मूल के 9 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें दो सीटों पर भारतीय मूल के उम्मीदवार आमने-सामने हैं।

कैलिफोर्निया-17: रो खन्ना (डेमोक्रेट) और ऋतेश टंडन (रिपब्लिकन)।
कैलिफोर्निया-3: अमी बेरा (डेमोक्रेट), मौजूदा सांसद।

वॉशिंगटन-7: प्रमिला जयपाल (डेमोक्रेट) और नीरव शेठ (रिपब्लिकन)।
एरिजोना-1: अमीश शाह (डेमोक्रेट)।

फ्लोरिडा-22: पिया दांडिया (डेमोक्रेट)।
नॉर्थ कैरोलाइना-4: महेश ‘मैक्स’ गनोरकर (रिपब्लिकन)।

वर्जीनिया-10: सुहास सुब्रमण्यम (डेमोक्रेट), मौजूदा सांसद।
इनमें रो खन्ना, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम मौजूदा सांसद हैं।

मध्यावधि चुनाव के साथ कई स्थानीय चुनाव भी

अमरीका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव के दौरान कई स्थानीय चुनाव भी हो रहे हैं। भारतीय मूल के कई उम्मीदवार कांग्रेस और सीनेट से इतर राज्य और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण पदों के लिए भी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं—
विवेक रामास्वामी (रिपब्लिकन) – ओहायो के गवर्नर पद के उम्मीदवार। डेमोक्रेट एमी एक्टन से मुकाबला।

अरुणा मिलर (डेमोक्रेट) – मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर। मौजूदा पद पर रहते हुए फिर चुनाव मैदान में।
सरिता कोमाटिरेड्डी (रिपब्लिकन) – न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद के लिए उम्मीदवार। मौजूदा अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स को चुनौती।

नित्या रमण (गैर-दलीय) – लॉस एंजिलिस के मेयर पद के लिए उम्मीदवार। मौजूदा मेयर कैरेन बास से मुकाबला।
पूजा सेठी (डेमोक्रेट) – टेक्सास विधानसभा के जिला-47 से उम्मीदवार। जीतने पर इस विधानसभा में भारतीय मूल की पहली सदस्य बनेंगी।

संदीप श्रीवास्तव (डेमोक्रेट) – टेक्सास विधानसभा के जिला-66 से उम्मीदवार। रिपब्लिकन मौजूदा विधायक मैट शीहान को चुनौती।

ट्रंप की पार्टी से छिन सकती है संसद

चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण गंवा सकती है। कलशी और पॉलीमार्केट जैसे ऑनलाइन सट्टा बाजारों के अनुमानों में डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत होती दिख रही है। इन मंचों पर चुनावी नतीजों की संभावनाओं के आधार पर सौदे होते हैं।

प्रतिनिधि सभा : डेमोक्रेट्स की मजबूत बढ़त
सभी 435 सीटों पर चुनाव, बहुमत के लिए 218 जरूरी।

डेमोक्रेट्स की जीत की संभावना 91-92 प्रतिशत।
कलशी का अनुमान मई के 226 से बढ़कर 238 सीटों पर पहुंचा।

सीनेट : मुकाबला कड़ा
35 सीटों पर चुनाव; रिपब्लिकन के पास 53 और डेमोक्रेट्स के पास 47 सीटें।

डेमोक्रेट्स की जीत की संभावना 63-66 प्रतिशत।
अलास्का, ओहायो, टेक्सास और मेन में भी डेमोक्रेट्स को बढ़त।

दोनों सदन जाने की 64-66% संभावना
केवल प्रतिनिधि सभा डेमोक्रेट्स के पास जाने की संभावना 27-28 प्रतिशत, जबकि दोनों सदन रिपब्लिकन के पास रहने की संभावना 8-9 प्रतिशत।

संसद में बहुमत गंवाने पर ट्रंप के विधेयक अटक सकते हैं और प्रशासन की जांच हो सकती है। सीनेट हाथ से जाने पर नियुक्तियों में भी मुश्किल आएगी। ट्रंप ने लगातार 28 दिन प्रचार को थकाऊ बताया है। ओहायो में भारतीय मूल के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी की जीत की संभावना 18 प्रतिशत, जबकि डेमोक्रेट एमी एक्टन की 82-83 प्रतिशत है।

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