ग्रामीणों ने छठ घाट की जमीन अतिक्रमण का विरोध किया:गिरिडीह के पपरवाटांड में महिलाओं ने उखाड़े खूंटे; कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने छठ घाट की जमीन अतिक्रमण का विरोध किया:गिरिडीह के पपरवाटांड में महिलाओं ने उखाड़े खूंटे; कार्रवाई की मांग

गिरिडीह के पपरवाटांड में छठ घाट की जमीन पर कथित अतिक्रमण के प्रयास को लेकर रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। जमीन पर कब्जे की कोशिश की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं ने वहां गाड़े गए खूंटे और खंभों को उखाड़ दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि छठ घाट की जमीन पर किसी भी कीमत पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह पपरवाटांड का एकमात्र छठ घाट है और आसपास के लोगों की आस्था इससे जुड़ी हुई है। महेशलुंडी पंचायत के मुखिया शिवनाथ साव ने बताया कि कुछ लोग छठ घाट की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल भी संबंधित लोगों को अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद जमीन पर कच्चा मकान बना दिया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। पहले भी हटाया गया था अतिक्रमण, फिर शुरू हुई घेराबंदी ग्रामीणों के अनुसार, पपरवाटांड कॉलोनी और ग्रामीण बस्ती के समीप सुखनी नदी/नाले के किनारे स्थित सीसीएल की जमीन पर पहले भी अतिक्रमण का प्रयास किया गया था। उस समय अधिकारियों के हस्तक्षेप से अतिक्रमण हटाया गया था। अब एक बार फिर जमीन की घेराबंदी कर निर्माण करने की कोशिश की जा रही है। मुखिया शिवनाथ साव ने बताया कि इस संबंध में सीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन दिया गया है। ग्रामीणों ने सीसीएल बनियाडीह के महाप्रबंधक को आवेदन सौंपकर छठ घाट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और मुफस्सिल थाना प्रभारी को भी भेजी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस घाट पर पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में अतिक्रमण होने से लोगों को परेशानी होगी। छठ से पहले कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी मौके पर पहुंचे भाजपा नेता कामेश्वर पासवान ने भी छठ घाट की जमीन पर अतिक्रमण के प्रयास का विरोध किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस स्थल पर किसी को कब्जा करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन को मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों और स्वामी विवेकानंद छठ पूजा समिति के प्रतिनिधियों ने भी प्रबंधन से घाट की जमीन को सुरक्षित रखने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनकी मांग है कि छठ महापर्व से पहले जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और श्रद्धालुओं के लिए घाट पर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गिरिडीह के पपरवाटांड में छठ घाट की जमीन पर कथित अतिक्रमण के प्रयास को लेकर रविवार को ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। जमीन पर कब्जे की कोशिश की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौके पर पहुंचीं। महिलाओं ने वहां गाड़े गए खूंटे और खंभों को उखाड़ दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि छठ घाट की जमीन पर किसी भी कीमत पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह पपरवाटांड का एकमात्र छठ घाट है और आसपास के लोगों की आस्था इससे जुड़ी हुई है। महेशलुंडी पंचायत के मुखिया शिवनाथ साव ने बताया कि कुछ लोग छठ घाट की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल भी संबंधित लोगों को अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद जमीन पर कच्चा मकान बना दिया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। पहले भी हटाया गया था अतिक्रमण, फिर शुरू हुई घेराबंदी ग्रामीणों के अनुसार, पपरवाटांड कॉलोनी और ग्रामीण बस्ती के समीप सुखनी नदी/नाले के किनारे स्थित सीसीएल की जमीन पर पहले भी अतिक्रमण का प्रयास किया गया था। उस समय अधिकारियों के हस्तक्षेप से अतिक्रमण हटाया गया था। अब एक बार फिर जमीन की घेराबंदी कर निर्माण करने की कोशिश की जा रही है। मुखिया शिवनाथ साव ने बताया कि इस संबंध में सीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन दिया गया है। ग्रामीणों ने सीसीएल बनियाडीह के महाप्रबंधक को आवेदन सौंपकर छठ घाट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और मुफस्सिल थाना प्रभारी को भी भेजी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस घाट पर पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में अतिक्रमण होने से लोगों को परेशानी होगी। छठ से पहले कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी मौके पर पहुंचे भाजपा नेता कामेश्वर पासवान ने भी छठ घाट की जमीन पर अतिक्रमण के प्रयास का विरोध किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस स्थल पर किसी को कब्जा करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन को मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों और स्वामी विवेकानंद छठ पूजा समिति के प्रतिनिधियों ने भी प्रबंधन से घाट की जमीन को सुरक्षित रखने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनकी मांग है कि छठ महापर्व से पहले जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और श्रद्धालुओं के लिए घाट पर जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।  

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