बेगूसराय में सरकारी कार्यालयो में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर, आईटी कर्मी और संविदाकर्मियों ने राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर रोड मार्च और विरोध-प्रदर्शन किया। रोड मार्च कैंटीन चौक से शुरू होकर नवाब चौक, नगर निगम चौक होते हुए हड़ताली चौक तक पहुंचा। प्रदर्शन बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर हुआ। जिलाध्यक्ष नीलेश कुमार झा ने कहा कि वर्षों से विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य संविदाकर्मी सरकारी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी सरकारी कर्मचारियों की तरह अधिकार और सम्मान नहीं मिल रहा है। अब समय आ गया है कि सरकार हमारी एकल मांग राज्यकर्मी का दर्जा पर गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय ले। कोषाध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि यह आंदोलन केवल अधिकार की लड़ाई नहीं, बल्कि हमारे भविष्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की लड़ाई है। संघर्ष हमारे अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए उपाध्यक्ष रवि भूषण ने कहा कि संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन कर्मचारियों की एकता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। जब तक हमारी जायज मांग पूरी नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा। महिला संयोजक पिंकू कुमारी ने कहा कि महिला कर्मियों सहित सभी संविदाकर्मियों को सम्मानजनक-सुरक्षित भविष्य का अधिकार है। यह संघर्ष हमारे अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए है। मीडिया प्रभारी रंजन कुमार ने कहा कि आज का शांतिपूर्ण मार्च सरकार तक हमारी आवाज पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पिंकू ने कहा कि हम लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं और आगे भी आंदोलन को मजबूती देंगे। बेगूसराय में सरकारी कार्यालयो में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर, आईटी कर्मी और संविदाकर्मियों ने राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर रोड मार्च और विरोध-प्रदर्शन किया। रोड मार्च कैंटीन चौक से शुरू होकर नवाब चौक, नगर निगम चौक होते हुए हड़ताली चौक तक पहुंचा। प्रदर्शन बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर हुआ। जिलाध्यक्ष नीलेश कुमार झा ने कहा कि वर्षों से विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य संविदाकर्मी सरकारी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी सरकारी कर्मचारियों की तरह अधिकार और सम्मान नहीं मिल रहा है। अब समय आ गया है कि सरकार हमारी एकल मांग राज्यकर्मी का दर्जा पर गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय ले। कोषाध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि यह आंदोलन केवल अधिकार की लड़ाई नहीं, बल्कि हमारे भविष्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की लड़ाई है। संघर्ष हमारे अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए उपाध्यक्ष रवि भूषण ने कहा कि संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में चल रहा यह आंदोलन कर्मचारियों की एकता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। जब तक हमारी जायज मांग पूरी नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा। महिला संयोजक पिंकू कुमारी ने कहा कि महिला कर्मियों सहित सभी संविदाकर्मियों को सम्मानजनक-सुरक्षित भविष्य का अधिकार है। यह संघर्ष हमारे अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए है। मीडिया प्रभारी रंजन कुमार ने कहा कि आज का शांतिपूर्ण मार्च सरकार तक हमारी आवाज पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। पिंकू ने कहा कि हम लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं और आगे भी आंदोलन को मजबूती देंगे।

