छपरा-पवन बिरियानी पर छापेमारी, बिना लाइसेंस चल रहा था प्रतिष्ठान:खुले में बन रहा था मटन-चिकेन; खाद्य विभाग की कार्रवाई

छपरा-पवन बिरियानी पर छापेमारी, बिना लाइसेंस चल रहा था प्रतिष्ठान:खुले में बन रहा था मटन-चिकेन; खाद्य विभाग की कार्रवाई

सारण में दीपावली और छठ पर खाद्य पदार्थों में मिलावट और गंदगी के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के निर्देश पर रविवार, 1 नवंबर से ‘थाली शुद्ध होबे हमार, छठ-दीपावली’ अभियान शुरू किया गया। पहले ही दिन शहर के कचहरी ढाला के पास संचालित पवन बिरियानी में छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों की कई अनियमितताएं सामने आईं। प्रतिष्ठान बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रहा था। यहां खुले में मटन और चिकेन तैयार किए जा रहे थे। जांच टीम में निरीक्षी पदाधिकारी संतोष कुमार सिन्हा और खाद्य संरक्षा पदाधिकारी डॉ. विपुल कुमार शामिल थे। जांच में प्रतिष्ठान के संचालन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला। डॉ. विपुल कुमार के अनुसार, दुकान न तो होटल-रेस्टोरेंट श्रेणी में पंजीकृत है और न ही ठेला-खोमचा श्रेणी में इसका लाइसेंस है। इसके बावजूद संचालक खुद को मैन्युफैक्चरर और होलसेलर बता रहे थे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सड़क किनारे खुले में बन रहा था मटन-चिकेन जांच के दौरान बड़े पैमाने पर बिरियानी तैयार की जा रही थी, लेकिन वहां विधिवत किचेन तक नहीं मिला। मटन और चिकेन खुले में बनाए जा रहे थे। मुख्य सड़क के किनारे स्थित दुकान में भोजन को धूल, गर्दा और मक्खियों से बचाने के लिए पर्दे, शीशे या ढकने की उचित व्यवस्था नहीं थी। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में तैयार भोजन लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है। खाना बनाने वाला तेल भी मानक के अनुरूप नहीं जांच टीम को ग्राहकों को दिए जा रहे बोतलबंद पानी पर बैच नंबर और जरूरी जानकारियां दर्ज नहीं मिलीं। खाना बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे तेल की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। खाद्य संरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों का पालन नहीं कर रहा था। दुकान सील करने की भी हो सकती है कार्रवाई डॉ. विपुल कुमार ने बताया कि विभागीय प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रतिष्ठान के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की अनुशंसा की जाएगी। वरीय अधिकारियों के आदेश पर दुकान को सील करने की कार्रवाई भी हो सकती है। संचालक बोले- लंबे समय से इसी तरह परोस रहे खाना जांच में सामने आई अनियमितताओं पर दुकान संचालक पवन ने कहा कि वह लंबे समय से इसी तरह खाना परोस रहे हैं और ग्राहक इसे पसंद भी करते हैं। हालांकि, उन्होंने सड़क किनारे दुकान होने के कारण धूल और मक्खियां आने की आशंका स्वीकार की। उनका कहना था कि वह अपने स्तर से भोजन को शुद्ध बनाने का प्रयास करते हैं। 7 नवंबर तक जिलेभर में चलेगा विशेष जांच अभियान प्रशासन की ओर से 1 से 7 नवंबर तक जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए मजिस्ट्रेट और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की प्रखंडवार टीमें गठित की गई हैं। अभियान का उद्देश्य पर्व के दौरान मिलावट और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना और लोगों की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सारण में दीपावली और छठ पर खाद्य पदार्थों में मिलावट और गंदगी के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के निर्देश पर रविवार, 1 नवंबर से ‘थाली शुद्ध होबे हमार, छठ-दीपावली’ अभियान शुरू किया गया। पहले ही दिन शहर के कचहरी ढाला के पास संचालित पवन बिरियानी में छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों की कई अनियमितताएं सामने आईं। प्रतिष्ठान बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रहा था। यहां खुले में मटन और चिकेन तैयार किए जा रहे थे। जांच टीम में निरीक्षी पदाधिकारी संतोष कुमार सिन्हा और खाद्य संरक्षा पदाधिकारी डॉ. विपुल कुमार शामिल थे। जांच में प्रतिष्ठान के संचालन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला। डॉ. विपुल कुमार के अनुसार, दुकान न तो होटल-रेस्टोरेंट श्रेणी में पंजीकृत है और न ही ठेला-खोमचा श्रेणी में इसका लाइसेंस है। इसके बावजूद संचालक खुद को मैन्युफैक्चरर और होलसेलर बता रहे थे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सड़क किनारे खुले में बन रहा था मटन-चिकेन जांच के दौरान बड़े पैमाने पर बिरियानी तैयार की जा रही थी, लेकिन वहां विधिवत किचेन तक नहीं मिला। मटन और चिकेन खुले में बनाए जा रहे थे। मुख्य सड़क के किनारे स्थित दुकान में भोजन को धूल, गर्दा और मक्खियों से बचाने के लिए पर्दे, शीशे या ढकने की उचित व्यवस्था नहीं थी। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में तैयार भोजन लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकता है। खाना बनाने वाला तेल भी मानक के अनुरूप नहीं जांच टीम को ग्राहकों को दिए जा रहे बोतलबंद पानी पर बैच नंबर और जरूरी जानकारियां दर्ज नहीं मिलीं। खाना बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे तेल की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। खाद्य संरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि प्रतिष्ठान खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों का पालन नहीं कर रहा था। दुकान सील करने की भी हो सकती है कार्रवाई डॉ. विपुल कुमार ने बताया कि विभागीय प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रतिष्ठान के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की अनुशंसा की जाएगी। वरीय अधिकारियों के आदेश पर दुकान को सील करने की कार्रवाई भी हो सकती है। संचालक बोले- लंबे समय से इसी तरह परोस रहे खाना जांच में सामने आई अनियमितताओं पर दुकान संचालक पवन ने कहा कि वह लंबे समय से इसी तरह खाना परोस रहे हैं और ग्राहक इसे पसंद भी करते हैं। हालांकि, उन्होंने सड़क किनारे दुकान होने के कारण धूल और मक्खियां आने की आशंका स्वीकार की। उनका कहना था कि वह अपने स्तर से भोजन को शुद्ध बनाने का प्रयास करते हैं। 7 नवंबर तक जिलेभर में चलेगा विशेष जांच अभियान प्रशासन की ओर से 1 से 7 नवंबर तक जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए मजिस्ट्रेट और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों की प्रखंडवार टीमें गठित की गई हैं। अभियान का उद्देश्य पर्व के दौरान मिलावट और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना और लोगों की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।  

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