कुरुक्षेत्र के पिहोवा में जूस पीने पहुंचे ग्राहक के पैर के नीचे अचानक 5-6 फुट लंबा अजगर आ गया। ग्राहक को पैर के नीचे किसी नरम तकिए जैसी चीज का अहसास हुआ। उसने नीचे देखा तो पास ही खड़े व्यक्ति ने उसके पैर के नीचे सांप होने की बात कही। यह सुनते ही ग्राहक तुरंत पीछे हट गया। दुकान के अंदर देखा तो करीब 10 किलो वजनी अजगर मौजूद था। यह देखकर दुकानदार और वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। अजगर को पकड़ने के लिए दुकान के वर्करों ने कोशिश शुरू की, लेकिन वह दुकान के पिछले कोने में बने बिल के अंदर घुस गया। इसके बाद उसे निकालने के लिए बिल तक खोदना पड़ा। करीब पौने घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को बाहर निकालकर काबू किया गया।
बस स्टैंड के पास जूस पीने आया था- मनजीत घटना पिहोवा बस स्टैंड के पास एक जूस की दुकान की है। गढ़ी सिंघा गांव निवासी मनजीत सिंह ने बताया कि मैं दुकान पर जूस पीने के लिए आया था। इसी दौरान मेरा पैर दुकान के अदंर घुस रहे अजगर के पेट पर पड़ गया। मुझे पैर के नीचे कुछ नरम और गद्देदार चीज होने का अहसास हुआ। मुझे कुछ समझ आता, इससे पहले ही दुकान के बाहर खड़ा आदमी बोल पड़ा। उस आदमी ने बताया कि उनके पैर के नीचे सांप है। इसके बाद मैंने तुरंत पैर पीछे खींचा और सांप देखकर डर गया। तभी उसने दुकानदार को आवाज लगाकर उसकी दुकान में सांप घुसने की बात बताई। दुकान के अंदर सांप देखकर दुकानदार के होश उड़ गए और उसने तुरंत वर्करों को बुलाया।
जहरीला नहीं समझकर खुद पकड़ने की कोशिश की वर्करों ने दुकान के अंदर के सांप देखा तो अंदाजा लगाया कि यह जहरीला सांप नहीं, बल्कि अजगर है। इसके बाद उन्होंने उसे खुद ही पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी। हालांकि, अजगर को पकड़ना इतना आसान नहीं था। अजगर उनके देखते ही देखते दुकान के अंदर पिछले कोने में बने बिल में घुस गया। वर्करों ने पहले अजगर को पीछे से पकड़कर बाहर खींचने की कोशिश की, लेकिन अजगर बिल से बाहर नहीं आया। उसका ज्यादातर शरीर बिल के अंदर था। ऐसे में उसे जबरदस्ती खींचने के बजाय बिल को खोदकर बाहर निकालने की कोशिश की गई। करीब पौने घंटे तक चले इस रेस्क्यू के दौरान दुकान के पिछले हिस्से में अजगर को निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। कपड़ा डालकर पकड़ा, 10 किलो था वजन बिल को खोदने के बाद अजगर को बाहर निकालने का रास्ता बनाया गया। इसके बाद उसके ऊपर कपड़ा डालकर उसे काबू किया गया। पकड़े गए अजगर की लंबाई करीब 6 फुट और वजन 10 किलो था। अजगर को दुकान से बाहर निकालने के बाद ड्रेन की पटरी के पास छोड़ दिया गया। अजगर शिकार करने के बाद छिपने के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में था।

