पंजाब के तरनतारन जिले में नशे के आदी दो भाइयों की एक साथ मौत हो गई। रात सोए दोनों भाई सुबह कमरे में मृत पाए गए। परिजनों का कहना है कि इसमें एक भाई सफेद नशा करता था, जबकि दूसरा नशीली गोलियां खाता था। घटना जिले के पट्टी शहर की है। रविवार तड़के एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई। एक ही घर से दो जवान बेटों की मौत के बाद इलाके में नशे को लेकर लोगों में गुस्सा है। परिजनों के अनुसार, मृतक गुरदीप सिंह (36) और सोना सिंह (28), पुत्र जगजीर सिंह लंबे समय से नशा करते थे। इस घटना ने एक बार फिर पट्टी और आसपास के इलाकों में नशा तस्करी तथा नशे के बढ़ रहे असर पर गंभीर प्रशासनिक व सामाजिक सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल परिसर के कमरे में रहता था परिवार जानकारी के मुताबिक, पीड़ित परिवार पिछले करीब चार सालों से शहर के तारांवाला स्कूल (ब्लॉक कार्यालय) के अंदर बने एक छोटे से कमरे में गुज़र-बसर कर रहा था। दोनों भाई मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। बड़ा भाई गुरदीप सिंह शादीशुदा था और अपने पीछे पत्नी व तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जबकि छोटा भाई सोना सिंह अविवाहित था। मां-बहन का रो-रोकर बुरा हाल, बताई नशे की लत मृतकों की मां सुरिंदर कौर और बहन सतविंदर कौर ने रोते-बिलखते हुए बताया कि शनिवार रात दोनों भाई नशे की हालत में कमरे में सोने के लिए गए थे। रविवार तड़के जब उन्हें उठाने की कोशिश की गई तो दोनों की मौत हो चुकी थी। परिजनों के मुताबिक, एक भाई सफेद नशे (हेरोइन/चिट्टा) का सेवन करता था, जबकि दूसरा भाई नशीली गोलियों की गिरफ्त में था। नशे की त्रासदी पर उठे गंभीर सवाल इस दुखद हादसे ने एक ही झटके में गुरदीप के तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया है। परिजनों का कहना है कि एक ही दिन घर से दो जवान भाइयों की अर्थियां उठने से पूरा परिवार टूट चुका है।

