शेखपुरा जिले के सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने रविवार को अपनी मांगों के समर्थन में जुलूस निकाला। इसके बाद कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया और नारेबाजी की। डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ के जिला सचिव गौरव कुमार बिहारी ने कहा कि 15 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सभी ऑपरेटर हड़ताल पर चले जाएंगे। संघ की अनुराधा कुमारी ने कहा कि 10% इंक्रीमेंट की राशि नहीं देना उनके साथ नाइंसाफी है। उन्होंने मानदेय बढ़ाने और दूसरे सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन व सुविधाएं देने की मांग की। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग ऑपरेटरों की प्रमुख मांगों में 10% मानदेय वृद्धि, सरकारी कर्मचारी का दर्जा, सेवा नियमित करना और दूसरे सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन व सुविधाएं देना शामिल है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में धरना दिया जाएगा और 15 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। बेलट्रॉन के जरिए हुई है भर्ती ऑपरेटरों ने कहा कि मानदेय नहीं बढ़ने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। परिवार चलाने में भी कठिनाई हो रही है। जिले के सरकारी कार्यालयों में करीब 250 डाटा एंट्री ऑपरेटर काम करते हैं। इनकी भर्ती बेलट्रॉन के जरिए आउटसोर्सिंग पर हुई है। ये सरकारी कार्यालयों में आईटी सहायक, आशुलिपिक और प्रोग्रामर समेत कई तरह के काम करते हैं। शेखपुरा जिले के सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने रविवार को अपनी मांगों के समर्थन में जुलूस निकाला। इसके बाद कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया और नारेबाजी की। डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ के जिला सचिव गौरव कुमार बिहारी ने कहा कि 15 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो सभी ऑपरेटर हड़ताल पर चले जाएंगे। संघ की अनुराधा कुमारी ने कहा कि 10% इंक्रीमेंट की राशि नहीं देना उनके साथ नाइंसाफी है। उन्होंने मानदेय बढ़ाने और दूसरे सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन व सुविधाएं देने की मांग की। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग ऑपरेटरों की प्रमुख मांगों में 10% मानदेय वृद्धि, सरकारी कर्मचारी का दर्जा, सेवा नियमित करना और दूसरे सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन व सुविधाएं देना शामिल है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में धरना दिया जाएगा और 15 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। बेलट्रॉन के जरिए हुई है भर्ती ऑपरेटरों ने कहा कि मानदेय नहीं बढ़ने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। परिवार चलाने में भी कठिनाई हो रही है। जिले के सरकारी कार्यालयों में करीब 250 डाटा एंट्री ऑपरेटर काम करते हैं। इनकी भर्ती बेलट्रॉन के जरिए आउटसोर्सिंग पर हुई है। ये सरकारी कार्यालयों में आईटी सहायक, आशुलिपिक और प्रोग्रामर समेत कई तरह के काम करते हैं।

