पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र रविवार, 1 नवंबर से शुरू हो रहा है। पर्यटक जंगल सफारी कर सकेंगे और चूका बीच पर बने हटों में ठहर सकेंगे। सफारी और ठहरने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी होगी। पर्यटन सत्र का शुभारंभ वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना मुस्तफाबाद से करेंगे। इस दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा बैमुरी भी मौजूद रहेंगी। करीब 730 वर्ग किलोमीटर में फैले पीलीभीत टाइगर रिजर्व में तराई के घने जंगल, घास के मैदान और जलस्रोत हैं। यहां बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, भालू, मगरमच्छ और कई प्रजातियों के पक्षी रहते हैं। इस पर्यटन सत्र में 67 जिप्सी और 28 जीनॉन समेत कुल 95 वाहन सफारी के लिए चलेंगे। मुस्तफाबाद, महोफ और बराही गेट से सफारी शुरू होगी। एक शिफ्ट में अधिकतम 47 वाहनों को जंगल में जाने की अनुमति होगी। पर्यटक पीटीआर मुख्यालय से सात दिन पहले तक ऑफलाइन एडवांस बुकिंग करा सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग की जानकारी पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वेबसाइट pilibhittigerreserve.in और यूपी ईको टूरिज्म पोर्टल पर मिलेगी। सफारी के तय समय और उपलब्धता के अनुसार बुकिंग करानी होगी। शारदा नदी और शारदा सागर जलाशय के किनारे स्थित चूका बीच पर बैंबू हट, ट्री हट और थारू हट में ठहरने की सुविधा है। सप्त सरोवर इलाके में भी ठहरने की सुविधा विकसित की जा रही है। ये जगहें भी हैं खास
चूका बीच के अलावा बाइफरकेशन, साइफन नहर, सप्त सरोवर, सनराइज और सनसेट प्वाइंट, पाइथन प्वाइंट, क्रोकोडाइल प्वाइंट, बारहसिंगा ताल और नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। यहां बर्ड वॉचिंग, फोटोग्राफी, प्रकृति भ्रमण और जलाशय के मनोरम दृश्य देखने का मौका मिलता है।

