शहर में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों पर सख्ती नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि स्मार्ट सिटी ने जिस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को 31 चौराहे-तिराहे को लगाया था। उनकी पकड़ में पिछले 5 वर्ष में 1.90 लाख वाहन चालक बार-बार ट्रैफिक नियमों को तोड़ते कैद हुए है। इनमें से कुछ ऐसे वाहन जिन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ने का ‘शतक-अर्धशतक’ तक लगा चुके हैं। इसके बाद भी वे ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। स्मार्ट सिटी ने आईटीएमएस प्रोजेक्ट पर 69 करोड़ खर्च किए हैं। इसमें लगे आधुनिक कैमरे सड़कों पर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहनों को कैद कर रहे हैं। इस चालान की सूची ट्रैफिक पुलिस को भेजने का दावा स्मार्ट सिटी के अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी जुर्माना की राशि वसूल नहीं हो रही हैं। साथ ही बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। चालान में सबसे ज्यादा बिना हेलमेट-रेड सिग्नल क्रॉस करने के हैं। आईटीएमएस के माध्यम से रोजाना करीब 1200 वाहन चालकों के चालान बनाए जा रहे है।
चालान की सूची मिलते ही हम ब्लैक लिस्ट की कार्रवाई करेंगे
एक ज्यादा बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस को ब्लैक लिस्ट किया जाता है। यदि स्मार्ट सिटी ऐसे वाहनों की सूची भेजेगी, तो उनको ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
-विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को सूची भेजेंगे
सड़कों पर नियमों को तोड़ने वाले वाहनों की सूची तैयार कराकर आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को पहुंचाएंगे। इससे उन पर कार्रवाई हो सके।
-टी.प्रतीक राव, सीईओ स्मार्ट सिटी ट्रैफिक पुलिस को सूची देकर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी
ट्रैफिक के नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों की सूची तैयार कराएंगे। उसको अध्ययन भी कराया जाएगा और उक्त सूची ट्रैफिक पुलिस को देकर ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई कराएंगे।
-जयराज कुबेर, प्रभारी एसपी

