प्रयागराज के नवाबगंज में जमीन के अंदर दबाकर रखे गए तीन नीले ड्रम से कुल 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपए मिले हैं। आयकर विभाग ने चार दिन बाद शनिवार को तीनों ड्रम में रखे नोटों की गिनती पूरी कर ली। इसकी आधिकारिक पुष्टि भी हो गई है। ड्रम में 500-500 रुपए के नोटों के बंडल कपड़े में लपेटकर रखे गए थे। हालांकि, मकान के अंदर अभी और नकदी दबे होने की आशंका है। इसके चलते शनिवार को भी पूरे दिन खुदाई और सर्च ऑपरेशन जारी रहा। नवाबगंज के बरईपुर रामनगर गांव निवासी राजेश यादव और राकेश यादव के मकान में 28 अक्टूबर की रात पुलिस ने दबिश दी थी। इस दौरान जमीन के अंदर दबाकर रखे गए तीन नीले ड्रम बरामद हुए थे। [पुलिस अधिकारी और आयकर विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी । आयकर विभाग के सहायक निदेशक अभय कुमार सोनकर के नेतृत्व में 14 सदस्यीय टीम जांच कर रही है। मालखाने में रखे ड्रम के रुपयों की गिनती पूरी बरामदगी के बाद तीनों ड्रम को सील कर नवाबगंज थाने के मालखाने में रखवा दिया गया था। शनिवार को आयकर विभाग की टीम ने मालखाने में ही नोटों की गिनती पूरी की। इसमें कुल 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपए मिलने की पुष्टि हुई। गिनती पूरी होने के बाद भी रकम को सीज कर मालखाने में ही सुरक्षित रखा गया है। मकान में अभी भी चल रही खुदाई, दस्तावेज जब्त तीनों ड्रम से करोड़ों रुपए मिलने के बाद पुलिस और आयकर विभाग को मकान के अंदर और नकदी दबे होने की आशंका है। इसी वजह से शनिवार को भी पूरे दिन मजदूरों से शिफ्टवार खुदाई कराई गई। पुलिस और आयकर विभाग की टीम की निगरानी में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। इसके साथ ही आयकर विभाग ने पिछले छह सालों में खरीदी गई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। टीम अब संपत्तियों और बरामद नकदी के स्रोत की जांच कर रही है। दोनों भाइयों और रिश्तेदारों से पूछताछ पुलिस राजेश यादव, उसके भाई राकेश यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है। जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे जमीन के अंदर क्यों छिपाकर रखा गया था। डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के मुताबिक, आयकर विभाग ने तीनों ड्रम में रखे रुपयों की गिनती पूरी कर ली है। मकान में अभी सर्च ऑपरेशन जारी है। परिवार के सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में साइबर अपराध या किसी अन्य बड़ी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता सामने नहीं आई है। आरोपी रकम के स्रोत के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका है। पुणे में काम के दौरान किसी फर्म की रकम लेकर फरार होने की चर्चा भी सामने आई थी, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

