Sandhya Ravishankar On Parineeti Chopra Film Reporting Live: नेटफ्लिक्स पर 9 अक्टूबर 2026 को रिलीज हुई परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) स्टारर फिल्म ‘रिपोर्टिंग लाइव’ (Reporting Live) एक बड़े कानूनी और नैतिक विवाद में घिर गई है। फिल्म की कहानी एक टेलीविजन रिपोर्टर संध्या यादव और उनके वीडियो जर्नलिस्ट विनोद शर्मा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अवैध रेत माइनिंग और ‘ब्राउन गोल्ड’ के काले सच का पर्दाफाश करते हैं। लेकिन, फिल्म के स्ट्रीम होने के कुछ ही हफ्तों बाद तमिलनाडु की मशहूर वरिष्ठ और स्वतंत्र इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट संध्या रविशंकर (Sandhya Ravishankar) ने मेकर्स पर उनकी कहानी ‘चुराने’ और बिना अनुमति के इस्तेमाल करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
संध्या रविशंकर ने फिल्म रिपोर्टिंग लाइव’ के मेकर्स को क्या कहा?
वरिष्ठ पत्रकार संध्या रविशंकर ने अपने ऑधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने नेटफ्लिक्स और फिल्म ‘रिपोर्टिंग लाइव’ के मेकर्स को आड़े हाथों लेते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने साल 2022 और 2023 में नेटफ्लिक्स को अपनी इस इन्वेस्टिगेटिव स्टोरी के बारे में दो बार जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मेकर्स की तरफ से कोई क्रेडिट नहीं दिया गया।
अपना गुस्सा जाहिर करते हुए संध्या रविशंकर ने लिखा, “अगली बार जब आप किसी रिपोर्टर किरदार का नाम ‘संध्या’ रखना चाहें, उसे अवैध रेत खनन का पर्दाफाश करते हुए दिखाएं, एक तमिल विलेन बनाएं, और मेरी असल जिंदगी की कहानी के कुछ हिस्से चुरा लें—वही कहानी जो मैंने आपको 2022 और 2023 में दो बार सुनाई थी—और बदले में मुझे कोई क्रेडिट तक न दें… तो ज़रा अच्छे से सोच लीजिएगा।”
संध्या ने आगे फिल्म की आलोचना करते हुए इसे बेहद घटिया परफॉर्मेंस करार दिया है और कहा कि फिल्म में परिणीति चोपड़ा का किरदार और न्यूजरूम का सेटअप बिल्कुल नौसिखिए और गैर-पेशेवर जैसा लगता है। उन्होंने डायरेक्टर-राइटर ध्रुव त्रिपाठी और मेकर्स पर तंज कसते हुए कहा कि कानूनी पचड़े से बचने के लिए कहानी में कुछ बदलाव जरूर किए गए हैं, लेकिन दूसरों की मेहनत चुराकर इस तरह मुनाफा कमाना पूरी तरह से अनैतिक है। उन्होंने मेकर्स से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
कौन हैं संध्या रविशंकर?
बता दें, संध्या रविशंकर एक जानी-मानी स्वतंत्र इन्वेस्टिगेटिव पत्रकार हैं, जिन्होंने तमिलनाडु के साउथ कोस्टल डिस्ट्रिक्ट- थूथुकुडी (तूतीकोरिन), तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हो रही अवैध बीच सैंड माइनिंग का पर्दाफाश किया था। उनकी इस साहसी रिपोर्टिंग ने माइनिंग इंडस्ट्री, नौकरशाही और राजनीतिक गलियारों के बीच की साठगांठ को बेनकाब किया था। अब उनकी इसी असल जिंदगी की पत्रकारिता और संघर्ष पर आधारित कहानी को चुराने के आरोप ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है।
ध्रुव त्रिपाठी के निर्देशन में बनी और पार्थ किरण ठाकुर तथा जोशुआ शिरसाठ द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है। देखना यह होगा कि नेटफ्लिक्स या फिल्म के मेकर्स की तरफ से इस पर क्या सफाई आती है। वहीं, इस फिल्म में देवेन भोजानी, अमोल पालेकर, आदिल हुसैन और शेखर सुमन जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं।


Demands a public apology; Netflix yet to respond.