बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि अंडमान सागर के ऊपर बना एक मौसमी सिस्टम लगातार ताकतवर होता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सिस्टम अगले 6 घंटों के भीतर एक ‘डिप्रेशन’ (कम दबाव का क्षेत्र) में बदल सकता है और अगले 24 घंटों में एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। मौसम संबंधी ताजा जानकारी के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक स्पष्ट और मजबूत हो गया है। यह फिलहाल दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के आसपास के इलाकों के ऊपर स्थित है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है।
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बंगाल की खाड़ी का यह सिस्टम 6 घंटे में ‘डिप्रेशन’ (कम दबाव के क्षेत्र) में बदल सकता है
IMD के अनुसार, 30 अक्टूबर को दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर कम दबाव का एक क्षेत्र बना था। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। 31 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक, यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास के इलाकों में एक ‘वेल-मार्क्ड’ (स्पष्ट रूप से चिह्नित) कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया था। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 6 घंटों के भीतर यह सिस्टम इसी इलाके में एक ‘डिप्रेशन’ (गहरा कम दबाव का क्षेत्र) में बदल सकता है। इससे पता चलता है कि समुद्र के ऊपर बन रहा यह मौसमी सिस्टम लगातार अधिक व्यवस्थित और शक्तिशाली होता जा रहा है।
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अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना
IMD ने यह भी बताया है कि ‘डिप्रेशन’ में बदलने के बाद, अगले 24 घंटों के भीतर यह सिस्टम एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की उम्मीद है। अपने संभावित रास्ते पर आगे बढ़ते हुए, यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ सकता है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, यह संभावित चक्रवाती तूफान 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है।

