झारखंड पुलिस के लिए गौरव की बात है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026 के गृह मंत्री दक्षता पदक की घोषणा कर दी है। इस बार झारखंड के 28 पुलिस अधिकारियों और जवानों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है। सभी का चयन स्पेशल ऑपरेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हुआ है। देशभर में विशेष अभियान के लिए 357, बेहतर अनुसंधान के लिए 123 और फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नौ अधिकारियों-कर्मियों को पदक देने की घोषणा की गई है। झारखंड के सभी 28 पुलिसकर्मियों को स्पेशल ऑपरेशन श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। गृह मंत्रालय की सूची के अनुसार, इन अधिकारियों और जवानों ने 22 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 के बीच विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी रैंक के पुलिसकर्मियों को सम्मान सम्मान पाने वालों में झारखंड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे, डीआईजी इंद्रजीत महथा और डिप्टी कमांडेंट मिथिलेश कुमार शामिल हैं। इनके अलावा डीएसपी ज्ञान रंजन और चंदन कुमार को भी पदक के लिए चुना गया है। इंस्पेक्टर रैंक से रमेश मुर्मू, अमित रोशन कुल्लू और मनोरंजन प्रसाद सिंह का नाम सूची में शामिल है। सब इंस्पेक्टर अमृत केरकेट्टा, संदीप तिर्की, प्रभात कुमार महतो, गौतम राणा और दीनबंधु हांसदा को भी यह सम्मान मिलेगा। एएसआई लोहरा मुंडा और माधव लाल टोप्पो, हवलदार जालिंद्र साहू तथा आरक्षी ऋषि रंजन, शिव कुमार महतो और फिरदौस अंसारी भी सम्मानित होंगे। इस चयन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभियान में सीधे शामिल रहने वाले जवानों को भी जगह मिली है। माओवादियों के खिलाफ अभियान में अहम योगदान झारखंड के इन पुलिसकर्मियों को राज्य में माओवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और विशेष अभियान चलाने के लिए सम्मानित किया जा रहा है। पिछले एक साल में पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में चलाए गए अभियानों से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से माओवादियों की गतिविधियां कमजोर हुईं। कई माओवादी मारे गए, कुछ ने आत्मसमर्पण किया, जबकि कई झारखंड छोड़कर दूसरे राज्यों में चले गए और वहां आत्मसमर्पण कर दिया। इन अभियानों में शामिल अधिकारियों और जवानों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। अभियान की सफलता में बेहतर रणनीति, समन्वय और जमीनी स्तर पर पुलिसकर्मियों की सक्रियता का योगदान रहा। राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड पुलिस की उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक पुलिसकर्मियों के विशेष अभियानों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और योगदान को मान्यता देने वाला सम्मान है। झारखंड के 28 अधिकारियों और जवानों का चयन राज्य पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। खास बात यह है कि सम्मान पाने वालों में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षी तक शामिल हैं। सारंडा सहित माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाने वाले पुलिसकर्मियों को मिला यह सम्मान सुरक्षा बलों के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। इससे राज्य में माओवाद के खिलाफ कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है। झारखंड पुलिस के लिए गौरव की बात है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026 के गृह मंत्री दक्षता पदक की घोषणा कर दी है। इस बार झारखंड के 28 पुलिस अधिकारियों और जवानों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है। सभी का चयन स्पेशल ऑपरेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हुआ है। देशभर में विशेष अभियान के लिए 357, बेहतर अनुसंधान के लिए 123 और फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नौ अधिकारियों-कर्मियों को पदक देने की घोषणा की गई है। झारखंड के सभी 28 पुलिसकर्मियों को स्पेशल ऑपरेशन श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। गृह मंत्रालय की सूची के अनुसार, इन अधिकारियों और जवानों ने 22 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 के बीच विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी रैंक के पुलिसकर्मियों को सम्मान सम्मान पाने वालों में झारखंड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे, डीआईजी इंद्रजीत महथा और डिप्टी कमांडेंट मिथिलेश कुमार शामिल हैं। इनके अलावा डीएसपी ज्ञान रंजन और चंदन कुमार को भी पदक के लिए चुना गया है। इंस्पेक्टर रैंक से रमेश मुर्मू, अमित रोशन कुल्लू और मनोरंजन प्रसाद सिंह का नाम सूची में शामिल है। सब इंस्पेक्टर अमृत केरकेट्टा, संदीप तिर्की, प्रभात कुमार महतो, गौतम राणा और दीनबंधु हांसदा को भी यह सम्मान मिलेगा। एएसआई लोहरा मुंडा और माधव लाल टोप्पो, हवलदार जालिंद्र साहू तथा आरक्षी ऋषि रंजन, शिव कुमार महतो और फिरदौस अंसारी भी सम्मानित होंगे। इस चयन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभियान में सीधे शामिल रहने वाले जवानों को भी जगह मिली है। माओवादियों के खिलाफ अभियान में अहम योगदान झारखंड के इन पुलिसकर्मियों को राज्य में माओवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और विशेष अभियान चलाने के लिए सम्मानित किया जा रहा है। पिछले एक साल में पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा क्षेत्र में चलाए गए अभियानों से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से माओवादियों की गतिविधियां कमजोर हुईं। कई माओवादी मारे गए, कुछ ने आत्मसमर्पण किया, जबकि कई झारखंड छोड़कर दूसरे राज्यों में चले गए और वहां आत्मसमर्पण कर दिया। इन अभियानों में शामिल अधिकारियों और जवानों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। अभियान की सफलता में बेहतर रणनीति, समन्वय और जमीनी स्तर पर पुलिसकर्मियों की सक्रियता का योगदान रहा। राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड पुलिस की उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक पुलिसकर्मियों के विशेष अभियानों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और योगदान को मान्यता देने वाला सम्मान है। झारखंड के 28 अधिकारियों और जवानों का चयन राज्य पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। खास बात यह है कि सम्मान पाने वालों में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षी तक शामिल हैं। सारंडा सहित माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाने वाले पुलिसकर्मियों को मिला यह सम्मान सुरक्षा बलों के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। इससे राज्य में माओवाद के खिलाफ कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है।

