New Currency Notes Shortage: दीपावली पर महालक्ष्मी के दरबार में इस बार नई करेंसी की चमक फीकी पड़ सकती है। 8 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव पर लक्ष्मी पूजन (Diwali Lakshmi Puja) में नई नोटों की गड्डियां रखने की परंपरा निभाने की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार निराशा हाथ लग सकती है। बाजार से 5, 10, 20 और 50 रुपए के नए नोट पूरी तरह नदारद हैं। ऐसे में न तो छोटी नोटों की गड्डियां आसानी से मिल रही है और न ही दीपावली के बाद शुरू होने वाले सहालग सीजन में इनकी उपलब्धता की उम्मीद नजर आ रही है।
निकल रहे बस बड़े नोट, शहर के सभी ATM का यही हल
ग्वालियर शहर के एटीएम में फिलहाल 100, 200 और 500 रुपए के नए नोट ही डाले जा रहे है। छोटे मूल्य के नए नोटों की सप्लाई नहीं होने से पूजन के लिए गड्डियां जुटाना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में पत्रिका ने एसबीआइ महाराज बाड़ा चेस्ट शाखा के इंचार्ज महेंद्र कुमार से फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
एटीएम में रोज 29 से 32 करोड़ कैश की सप्लाई
त्योहारी सीजन में शहर के एटीएम भी नकदी की बढ़ती मांग के लिए तैयार किए जा रहे हैं। ग्वालियर में राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के 450 से अधिक एटीएम संचालित हैं। इनमें अकेले एसबीआइ के करीब 250 एटीएम शामिल हैं। एसबीआइ के एटीएम में इन दिनों रोजाना करीब 17 करोड़ रुपए डाले जा रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह आंकड़ा 10 से 12 करोड़ रुपए रहता है। वहीं, दूसरे बैंकों के एटीएम में प्रतिदिन करीब 12 से 15 करोड़ रुपए की नकदी डाली जा रही है। त्योहार नजदीक आने के साथ ही कैश की मांग और बढने की संभावना है। हालांकि एटीएम में करोड़ों रुपए की नकदी पहुंचने के बावजूद छोटी कीमत के नए नोटों की कमी ने लक्ष्मी पूजन की तैयारियों के सामने नई मुश्किल खड़ी कर दी है।
दीवाली की पूजा में क्यों चढ़ाए जाते नए नोट?
महालक्ष्मी पूजा के दौरान 5, 10, 20 और 50 रुपए तक के नए नोटों की गड्डी चढ़ाने की प्रथा को हिंदू व्यापारी वर्ग के लिए नए वित्तीय वर्ष से जोड़कर देखा जाता है। पूजा में नए नोट रखने का मतलब होता है कि नए साल में धन और व्यापार में तरक्की होगी। शास्त्रों के अनुसार, घर में रखे धन और जेवर पर माता लक्ष्मी का वास होता है। जैसे दिवाली पर घर को साफ किया जाता है और नए कपड़े पहने जाते हैं, उसी तरह पूजा में नए नोट चढ़ाना माता लक्ष्मी के प्रति आदर का प्रतीक है।

