रायपुर सेरीखेड़ी ओवरब्रिज पर डिवाइडर की पेंटिंग कर रहे मजदूरों को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। हादसे में तीन मजदूर घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान कपिल सैनी (24) और पिंटू माली (45) की मौत हो गई। तीसरे मजदूर थनवा का डीकेएस अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद कार चालक फरार हो गया। पुलिस ने हिट एंड रन का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी कपिल सैनी उर्फ गोलू, पिंटू माली और थनवा समेत अन्य मजदूर 28 अक्टूबर की सुबह सेरीखेड़ी ओवरब्रिज के उतरने वाले हिस्से में डिवाइडर पर पेंटिंग कर रहे थे। मजदूरों की सुरक्षा के लिए सड़क पर स्टॉपर लगाए गए थे। इसी दौरान आरंग की ओर से तेज रफ्तार में आ रही कार ने स्टॉपर को टक्कर मार दी और सड़क पर काम कर रहे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में तीनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान कपिल और पिंटू ने दम तोड़ दिया, जबकि थनवा का इलाज जारी है। अक्टूबर के 20 दिनों में 10 से ज्यादा मौतें 25 अक्टूबर: वीआईपी तिराहे पर कंटेनर ने गंगा साहू और उनकी 9 वर्षीय बेटी रितिका को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
22 अक्टूबर: अग्रसेन धाम के पास ट्रक ने बाइक सवार रमेश साहू (43) को कुचल दिया। हादसे में रमेश की मौत हो गई, जबकि उनके साथी राम अवतार देवांगन गंभीर रूप से घायल हो गए।
10 अक्टूबर: थाने के सामने दोस्त के अंतिम संस्कार में जा रहे घनश्याम साहू और उनके साथी को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में घनश्याम की मौत हो गई। शहर के 19 किमी हाईवे पर हर दूसरे दिन हादसा अवैध कट और अतिक्रमण से बढ़ रहे सड़क हादसे रिंग रोड-1 पर टाटीबंध से जोरा तक करीब 19 किलोमीटर की सड़क हादसों का बड़ा केंद्र बन गई है। इस साल के शुरुआती 9 महीनों में यहां 145 सड़क हादसे हुए। इनमें 24 लोगों की मौत हुई, जबकि 71 गंभीर रूप से घायल हुए। इस मार्ग पर 5 ब्लैक स्पॉट, आधा दर्जन से ज्यादा अवैध कट और एक दर्जन से अधिक स्थानों पर अतिक्रमण है। रिंग रोड और नेशनल हाईवे होने के बावजूद इस सड़क की स्थिति स्टेट हाईवे जैसी हो गई है। यहां रोज 2 लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है। कई जगह सड़क संकरी होने और तेज रफ्तार वाहनों से हादसों का खतरा बना रहता है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हर सड़क हादसे की समीक्षा कर उसकी वजह बनने वाली खामियां दूर की जा रही हैं। गैरजरूरी डिवाइडर कट बंद किए जा रहे 9 किमी के दायरे में भाठागांव, वीआईपी तिराहा और अग्रसेन धाम समेत 5 ब्लैक स्पॉट हैं। अग्रसेन धाम और जोरा के बीच ओवरब्रिज बनाया जा रहा है, जिससे हादसे कम होने की उम्मीद है। टाटीबंध में सड़क की इंजीनियरिंग सुधारी जा रही है। गैरजरूरी डिवाइडर कट बंद किए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी सड़कों की जांच और हादसों की समीक्षा कर रही है। पुलिस और नगर निगम की टीमें अतिक्रमण हटा रही हैं। हाईवे किनारे सर्विस रोड को नो-पार्किंग जोन घोषित कर कार्रवाई की जा रही है। हर सड़क हादसे की समीक्षा कर उसकी वजह बनने वाली खामियां दूर की जा रही हैं। चिह्नित ब्लैक स्पॉट में सुधार के लिए संबंधित एजेंसियों को पत्र लिखा गया है। उनके साथ लगातार बैठकें भी की जा रही हैं। -डॉ. अर्चना झा, डीसीपी ट्रैफिक

