हनुमान जयंती पर लाल गुलाब से सजेगा महावीर मंदिर:51 किलो नैवेद्यम का लगेगा भोग, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम

हनुमान जयंती पर लाल गुलाब से सजेगा महावीर मंदिर:51 किलो नैवेद्यम का लगेगा भोग, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम

हनुमान जयंती के अवसर पर पटना के महावीर मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। हनुमान जी के दरबार का लाल गुलाब के फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। वहीं, भगवान को 51 किलो का नैवेद्यम लड्डू अर्पित किया जाएगा। पूजा के बाद इस प्रसाद को श्रद्धालुओं के बीच बांटा जाएगा। मंदिर में भक्तों की संभावित भीड़ को देखते हुए सरकारी और निजी सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। रामचरितमानस का नवाह पाठ शुरू हनुमान जयंती के अवसर पर शुक्रवार सुबह कलश स्थापना के साथ श्रीरामचरितमानस नवाह पाठ का शुभारंभ हुआ। मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित स्थायी मंडप में मिथिला से आई 11 सदस्यीय मंडली नौ दिनों तक रामचरितमानस का पाठ करेगी। आयोजन की पूर्णाहुति हनुमान जयंती के दिन होगी। इस वर्ष अनुष्ठान में श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल यजमान की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, आचार्य पंडित जटेश झा पुरोहित के रूप में पूजा संपन्न करा रहे हैं। रामानंदाचार्य की परंपरा के अनुसार मनाई जाती है जयंती महावीर मंदिर में हनुमान जयंती कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को जगद्गुरु रामानंदाचार्य की परंपरा के अनुसार मनाई जाती है। हनुमान जी की जन्मतिथि को लेकर देश के अलग-अलग क्षेत्रों और धार्मिक परंपराओं में विविध मान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ परंपराओं में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है, जबकि रामानंदाचार्य की परंपरा में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को इसका विधान है। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में भी हनुमान जी के जन्म से जुड़ी अलग-अलग तिथियों का उल्लेख मिलता है। अगस्त्य संहिता के नाम से प्रचलित श्लोक और वायु पुराण की मान्यता के अनुसार उनका जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हुआ था। रामानंदाचार्य की पुस्तक ‘श्री वैष्णवमताब्जभास्कर’ में भी इसी तिथि का उल्लेख बताया जाता है। हनुमान जयंती के अवसर पर पटना के महावीर मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। हनुमान जी के दरबार का लाल गुलाब के फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। वहीं, भगवान को 51 किलो का नैवेद्यम लड्डू अर्पित किया जाएगा। पूजा के बाद इस प्रसाद को श्रद्धालुओं के बीच बांटा जाएगा। मंदिर में भक्तों की संभावित भीड़ को देखते हुए सरकारी और निजी सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। रामचरितमानस का नवाह पाठ शुरू हनुमान जयंती के अवसर पर शुक्रवार सुबह कलश स्थापना के साथ श्रीरामचरितमानस नवाह पाठ का शुभारंभ हुआ। मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित स्थायी मंडप में मिथिला से आई 11 सदस्यीय मंडली नौ दिनों तक रामचरितमानस का पाठ करेगी। आयोजन की पूर्णाहुति हनुमान जयंती के दिन होगी। इस वर्ष अनुष्ठान में श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल यजमान की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, आचार्य पंडित जटेश झा पुरोहित के रूप में पूजा संपन्न करा रहे हैं। रामानंदाचार्य की परंपरा के अनुसार मनाई जाती है जयंती महावीर मंदिर में हनुमान जयंती कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को जगद्गुरु रामानंदाचार्य की परंपरा के अनुसार मनाई जाती है। हनुमान जी की जन्मतिथि को लेकर देश के अलग-अलग क्षेत्रों और धार्मिक परंपराओं में विविध मान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ परंपराओं में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है, जबकि रामानंदाचार्य की परंपरा में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को इसका विधान है। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में भी हनुमान जी के जन्म से जुड़ी अलग-अलग तिथियों का उल्लेख मिलता है। अगस्त्य संहिता के नाम से प्रचलित श्लोक और वायु पुराण की मान्यता के अनुसार उनका जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हुआ था। रामानंदाचार्य की पुस्तक ‘श्री वैष्णवमताब्जभास्कर’ में भी इसी तिथि का उल्लेख बताया जाता है।  

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