लाड़ली बहना की गुहार, मंत्री बोले-इसके पति को जेल भेजो:रिश्वत पर बोला अफसर- कोई खुशी से दे तो रख लेता हूं; गिरते-गिरते बचे नेता जी

लाड़ली बहना की गुहार, मंत्री बोले-इसके पति को जेल भेजो:रिश्वत पर बोला अफसर- कोई खुशी से दे तो रख लेता हूं; गिरते-गिरते बचे नेता जी

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मांगता नहीं, कोई खुशी से दे तो रख लेता हूं
मांगों उसी से जो दे खुशी से और कहे न किसी से… एक साहब वैसे तो किसी से पैसा मांगते नहीं हैं, लेकिन जब कोई उन्हें अपनी खुशी से दे जाए तो वे मना भी नहीं करते और रख लेते हैं। हुआ यूं कि पन्ना में जल संसाधन विभाग में दो कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए थे। इसी सिलसिले में मीडियाकर्मी विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर से बात कर रहे थे। साहब को ईमानदारी की दुहाई देकर पूछा गया कि क्या आपका भी कोई परसेंटेज फिक्स है। इस पर एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ने बड़ी ही ईमानदारी से कबूल किया कि हमारा कोई परसेंट नहीं है। किसी को खुशी हो, कोई दे गया तो मैं उसमें खुश होकर रख लेता हूं। मैं पहले ही बोल देता हूं। भैया, खुशी से दे रहे हो तो दो। मेरा कोई भी परसेंट नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि वे जब से नौकरी में हैं, वे ऐसा ही करते आ रहे हैं। हालांकि वे किसी भी तरह से पैसा लेना गलत भी बता रहे हैं। अब उनकी ये बेबाकी उन पर भारी पड़ गई। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। अब लोग कह रहे हैं कि अधिकारी की इस मासूमियत पर यही कहा जा सकता है- दिल में जो है वही जुबान पे है… और कोई हम में खास बात नहीं… मंत्री ने बताया पति को जेल भेजने का उपाय
सीहोर में एक लाड़ली बहना ने मंत्री करण सिंह वर्मा से शराब का ठेका बंद करवाने की गुहार लगाई। महिला की शिकायत थी कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता है। ऐसे में इलाके का शराब ठेका बंद करवा दिया जाए, ताकि उसकी परेशानी दूर हो सके। लेकिन मंत्री जी ने ठेका बंद करवाने की उसकी गुहार पर कोई कार्रवाई करने के बजाय महिला के पति को ही जेल भिजवाने का रास्ता बता दिया। उन्होंने वहां मौजूद पुलिस अफसर से कहा कि इन्हें इनके पति मारते हैं, इनकी रिपोर्ट करा दो, उनको बंद कर देंगे। रही बात शराब के ठेके को बंद करवाने की, तो मंत्री जी ने कुछ यूं अपनी मजबूरी जता दी। उन्होंने कहा- अब क्या करें, लोग तो शराब पीते ही हैं। मतलब शराब के जाम तो छलकते रहेंगे, लेकिन किसी ने पीकर घर में हंगामा किया तो उसके लिए जेल के दरवाजे खुले हैं। जबरन लिफ्ट ली, फिर गिरते-गिरते बचे नेता जी
इंदौर भाजपा के शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा को एक कार्यक्रम में पहुंचने की इतनी जल्दी थी कि उन्होंने रास्ते में ही जबरन लिफ्ट ले ली। लेकिन जल्दी के चक्कर में लेने के देने पड़ते-पड़ते बच गए। दरअसल, सुमित मिश्रा को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम के मंच पर पहुंचना था। देर हो रही थी, तो उन्होंने बाइक सवार से लिफ्ट ले ली। लेकिन बाइक पर बैठते वक्त ऐसा संतुलन बिगड़ा कि गिरते-गिरते बचे। हालांकि, किसी तरह खुद को संभाला और वक्त पर कार्यक्रम में पहुंच गए। अब इस जल्दबाजी पर यही कहेंगे कि नेता जी, मंच पर पहुंचने की जल्दी अपनी जगह, लेकिन दुर्घटना से देर भली… ‘मोदी तो जाएगा’ Vs ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’
कांग्रेस के ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘मोदी तो जाएगा’ के राग के जवाब में भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान छेड़ दिया है। इसी के तहत शाजापुर जिले के कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में कविता पढ़ दी। उन्होंने एक वीडियो जारी किया, जिसमें वे कह रहे हैं- विरोधियों का बाप भी चिल्लाएगा कि मोदी कहीं नहीं जाएगा। देशद्रोहियों के सपनों में आएगा कि मोदी कहीं नहीं जाएगा। सत्ता के भूखों को दादी याद दिलाएगा कि मोदी कहीं नहीं जाएगा। इंदौर में भी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम के मंच से केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कुछ ऐसा ही राग छेड़ा। लेकिन यहां यह सुर बेसुरा हो गया। हुआ यूं कि अपने भाषण के दौरान मंत्री नारे लगवाना चाह रहे थे। वे बोले- मोदी तो… मोदी तो… लेकिन जनता की तरफ से कोई आवाज नहीं आई। इस पर केंद्रीय मंत्री हैरान होकर बोले- कोई बोला ही नहीं भाई। फिर उन्होंने खुद ही कहा- मोदी तो नहीं हटेगा। अब केंद्रीय मंत्री का यह वीडियो सामने आया है तो लोग चुटकी ले रहे हैं। और अब अंदर की बात.. शोले के ठाकुर बन गए प्राधिकरण के सर्वेसर्वा
एक नेता जी कहने को तो एक प्राधिकरण के सर्वेसर्वा बने बैठे हैं, लेकिन उनकी हालत शोले के हाथ कटे ठाकुर जैसी है। वजह ये है कि प्राधिकरण में उनके मातहत नेता जी का ही दबदबा है। उन्होंने अपने रसूख का इस्तेमाल कर एक बाबू को अहम पद पर काबिज करा दिया। इसके बाद दोनों मिलकर सारे फैसले लेने लगे। फिर क्या था, बड़े नेता जी ने छोटे नेता जी की हर जगह शिकायत कर दी। मामला ‘सरकार’ के दरबार तक पहुंचा। वहां सुनवाई हुई और छोटे नेता जी के करीबी बाबू को उस अहम पद से हटा दिया गया। लेकिन यहां बड़े नेता जी के साथ गुगली हो गई। बाबू की जगह जिस दूसरे अधिकारी को उस पद पर बैठाया गया, वह भी छोटे नेता जी का ही खास निकला। यानी कहानी फिर वहीं आकर अटक गई। अब बड़े नेता जी एक बार फिर लिखित शिकायत लेकर राजधानी के चक्कर काट रहे हैं। देखना ये है कि इस बार उनकी शिकायत पर सुनवाई होती है या फिर वे यूं ही शोले के ठाकुर बने रहने को मजबूर रहेंगे। इतना बता दें कि बड़े नेता जी जब विधायक थे, तभी से छोटे नेता जी के साथ उनकी तलवार खिंची हुई है। इनपुट सहयोग – मोहम्मद इदरीश (पन्ना), महेंद्र ठाकुर (सीहोर), विनय यादव (इंदौर), अमित सालगट (इंदौर) ये भी पढ़ें –
तंज- सरकार में लात-घूंसे चल रहे, बस दिख नहीं रहे: पटवारी बोले- मैं साइकिल से आता, फिर भी हरा दिया मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार में मंत्रियों के बीच चल रही कथित खटपट पर तंज कसा है। इंदौर में किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि यहां के प्रभारी मंत्री, जो मुख्यमंत्री हैं, और नगरीय प्रशासन मंत्री के बीच लात-घूंसे चल रहे हैं, बस दिखाई नहीं दे रहे। दोनों के बीच गाली-गलौज हो रही है, लेकिन सिर्फ सुनाई नहीं दे रही है। पूरी खबर पढ़ें

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *