भारत (India) बनाम न्यूज़ीलैंड (New Zealand) टी20 सीरीज़ के चौथे मैच में भारतीय गेंदबाजों की जमकर पिटाई हुई। न्यूज़ीलैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाते हुए भारत को 260 रन का लक्ष्य दिया है। भारतीय बल्लेबाजों की फॉर्म को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा। गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन की वजह से एक शर्मनाक रिकॉर्ड भारत के नाम हो गया है।
भारत के खिलाफ टी20 क्रिकेट में इस साल 11वीं बार बना 200+ स्कोर
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच में 200+ स्कोर बनना इस साल ऐसा 11वां मौका है जब भारतीय टीम के खिलाफ किसी टीम ने टी20 मैच की एक पारी में 200 से ज़्यादा रन बनाए हैं। इसके साथ ही भारतीय टीम ऐसी पहली टीम बन गई है जिसके नाम एक कैलेंडर ईयर में टी20 क्रिकेट में सबसे ज़्यादा बार 200 रन खाने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।
गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन चिंता का विषय
भारतीय गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। नीतीश कुमार रेड्डी, मयंक यादव, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने इस सीरीज़ में जमकर रन खाए हैं। लंबे समय बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार से सभी को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनकी गेंदबाजी भी निराशाजनक रही है।
भारतीय टीम को खल रही बुमराह-शमी की कमी
भारतीय टीम को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी की कमी साफ तौर पर खल रही है। दोनों की धारदार गेंदबाजी से टीम को काफी फायदा मिल सकता है और भारतीय गेंदबाजी और मज़बूत हो सकती है। शमी को भारतीय टीम के लिए इंटरनेशनल टी20 खेले हुए एक साल से ज़्यादा समय हो चुका है। उन्होंने 2 फरवरी, 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में आखिरी बार भारतीय टीम के लिए टी20 मैच खेला था। उन्हें टीम में शामिल नहीं किया जा रहा, जिसका असर भारतीय गेंदबाजी पर भी देखने को मिल रहा है। वहीँ वर्कलोड मैनेजमेंट और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए बुमराह को इस सीरीज़ में आराम दिया गया है।

