शिवसेना नेता नीलेश राणे ने शुक्रवार को भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन पर निशाना साधा। विधान परिषद चुनावों में भाजपा को मिली हार के बाद, नवनाथ बन ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला बोला था, जिस पर राणे ने कहा कि उन्हें अपनी सीमा में रहना चाहिए। राज्य में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी सत्ताधारी महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं। हालांकि, द्विवार्षिक चुनावों में विपक्षी महा विकास अघाड़ी के पांच में से तीन सीटें जीतने के बाद इस गठबंधन में दरारें आ गई हैं। इन तीन सीटों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह नगर की नागपुर ग्रेजुएट्स सीट भी शामिल है। कुडल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राणे ने कहा नवनाथ बन, शिंदे साहब के बारे में बात करते समय अपनी सीमा में रहें। आप अपनी हैसियत से बढ़कर बोल रहे हैं।
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कुडाल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले नीलेश राणे ने कहा नवनाथ बन, शिंदे साहब के बारे में बोलते समय अपनी मर्यादा में रहें। आप अपनी हैसियत से बढ़कर बोल रहे हैं। पुणे और नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा की हार के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाने वाले भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की आलोचना की थी। उन्होंने दावा किया कि यदि शिवसेना ने भाजपा और राकांपा का समर्थन किया होता, तो महायुति गठबंधन विधान परिषद की सभी पांच सीटें जीत सकता था। इसके बाद से ही भाजपा और शिवसेना के नेताओं के बीच हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच, नीलेश राणे के भाई और भाजपा नेता एवं कैबिनेट मंत्री नीतेश राणे ने भी विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद महायुति गठबंधन के भीतर किसी ‘शकुनि मामा’ की मौजूदगी की जांच करने की बात कही थी।
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पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव परिणाम 28 अक्टूबर को घोषित किए गए। कांग्रेस ने नागपुर स्नातक सीट पर जीत दर्ज की, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने पुणे और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीटों पर कब्जा किया। वहीं, भाजपा ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट जीती, जबकि अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट शिवसेना के खाते में गई।

