Spain Train Accident: 160 KM प्रति घंटे की रफ्तार में दूसरी ट्रेन से टकराई थी यात्रियों से भरी रेल, जांच में एक और बड़ा खुलासा

Spain Train Accident: 160 KM प्रति घंटे की रफ्तार में दूसरी ट्रेन से टकराई थी यात्रियों से भरी रेल, जांच में एक और बड़ा खुलासा

स्पेन में हुए भीषण रेल हादसे को लेकर शुरुआती जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस ट्रेन ने आगे खड़ी दूसरी ट्रेन को टक्कर मारी थी, उसकी रफ्तार हादसे के वक्त कम से कम 160 किलोमीटर प्रति घंटे थी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 64 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।

शवों की पहचान में आ रही परेशानी

हादसे के बाद राहत और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। स्पेन के सिविल गार्ड के मुताबिक, अब तक 64 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट मिली है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने लोग उन शवों में शामिल हैं, जिनकी पहचान होना बाकी है।

कैस्टिला-ला मांचा क्षेत्रीय सरकार की प्रवक्ता एस्थर पडिला ने सरकारी टीवी चैनल TVE को बताया कि अब तक 49 शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है। इनमें से केवल पांच लोगों की पहचान हो सकी है। पहचान किए गए लोगों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पहचान की प्रक्रिया में समय लग रहा है। अधिकारियों की ओर से दिनभर मृतकों के परिवारों से संपर्क किया जाएगा, ताकि उन्हें जांच के नतीजे सौंपे जा सकें।

सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी के बाद हुआ हादसा

शुरुआती जांच में दुर्घटना के पीछे कई तकनीकी और मानवीय चूक सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी आने के बाद कई ट्रेनों को अपने आप रोक दिया गया था। इसके बाद मैड्रिड स्थित केंद्रीय कंट्रोल सेंटर ने रेल यातायात की जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान, सरकारी कंपनी रेनफे की ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई, जबकि उसके सामने इरियो कंपनी की ट्रेन पहले से खड़ी थी।

40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने का नियम

स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के मुताबिक, ऐसी स्थिति में ट्रेन को अधिकतम 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने का नियम था। लेकिन सामने आए ऑडियो में कंट्रोल सेंटर का कर्मचारी रेनफे ट्रेन के ड्राइवर को सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ने की अनुमति देता सुनाई दे रहा है।

पहले इरियो ट्रेन को मिलनी चाहिए थी अनुमति

जांच में एक और बड़ी चूक का जिक्र किया गया है। नियमों के मुताबिक, आगे खड़ी इरियो ट्रेन को पहले रवाना होने की अनुमति मिलनी चाहिए थी। लेकिन कंट्रोल सेंटर ने रेनफे ट्रेन को आगे बढ़ने का निर्देश दे दिया। रेनफे ट्रेन में 379 यात्री और सात कर्मचारी सवार थे, जबकि इरियो ट्रेन में 147 यात्री और पांच कर्मचारी मौजूद थे।

ब्लैक बॉक्स से खुलेगा हादसे का पूरा राज

स्वतंत्र दुर्घटना जांच प्राधिकरण (AITAT) की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के वक्त रेनफे ट्रेन की रफ्तार 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच हो सकती थी। हालांकि, इसकी सही गति का पता ब्लैक बॉक्स से मिलने वाले आंकड़ों की जांच के बाद ही चलेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तकनीकी खराबियों, दिए गए निर्देशों और उनके पालन में हुई गलतियों की पूरी कड़ी ने दुर्घटना को जन्म दिया। हादसे के बाद रेल नेटवर्क के रखरखाव और सुरक्षा नियमों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *