खगड़िया में रबी मौसम 2026-27 के लिए छह फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित किया गया है। किसान इन फसलों का बीमा करा सकेंगे। योजना का लाभ ऋणी और गैर-ऋणी, दोनों तरह के किसानों को मिलेगा। अधिसूचित फसलों में गेहूं, रबी मक्का, राई-सरसों, मसूर, केला और अमरूद शामिल हैं। किसान तय प्रक्रिया के तहत बीमा करा सकते हैं। बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी मौसम से राज्य में यह योजना लागू की है। फसल को नुकसान होने पर मिलेगा बीमा राशि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अधिसूचित जोखिमों से फसल को नुकसान होने पर किसानों को नियमों के अनुसार बीमा राशि मिल सकेगी। जिला प्रशासन के मुताबिक, ऋणी किसान बीमा प्रक्रिया के लिए अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं। गैर-ऋणी किसान बैंक शाखा, बीमा कंपनी या वसुधा केंद्र के जरिए आवेदन कर सकते हैं। वे राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल और क्रॉप इंश्योरेंस ऐप से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। भूमि के दस्तावेजों का होता है सत्यापन योजना के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल बनाया है। इस पर किसानों का पंजीकरण और भूमि के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। फसल की उपज के आंकड़ों के आधार पर नुकसान का आकलन और नियमों के अनुसार बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। जिला सहकारिता पदाधिकारी से मिलेगी जानकारी योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए किसान प्रखंड स्तर पर प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी और जिला स्तर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, खगड़िया के प्रबंध निदेशक से भी जानकारी ली जा सकती है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी अधिसूचित फसल, भूमि संबंधी दस्तावेज और पात्रता की जानकारी प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल बीमा कराएं, ताकि फसल नुकसान की स्थिति में योजना का लाभ मिल सके। खगड़िया में रबी मौसम 2026-27 के लिए छह फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित किया गया है। किसान इन फसलों का बीमा करा सकेंगे। योजना का लाभ ऋणी और गैर-ऋणी, दोनों तरह के किसानों को मिलेगा। अधिसूचित फसलों में गेहूं, रबी मक्का, राई-सरसों, मसूर, केला और अमरूद शामिल हैं। किसान तय प्रक्रिया के तहत बीमा करा सकते हैं। बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी मौसम से राज्य में यह योजना लागू की है। फसल को नुकसान होने पर मिलेगा बीमा राशि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अधिसूचित जोखिमों से फसल को नुकसान होने पर किसानों को नियमों के अनुसार बीमा राशि मिल सकेगी। जिला प्रशासन के मुताबिक, ऋणी किसान बीमा प्रक्रिया के लिए अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं। गैर-ऋणी किसान बैंक शाखा, बीमा कंपनी या वसुधा केंद्र के जरिए आवेदन कर सकते हैं। वे राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल और क्रॉप इंश्योरेंस ऐप से ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। भूमि के दस्तावेजों का होता है सत्यापन योजना के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल बनाया है। इस पर किसानों का पंजीकरण और भूमि के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। फसल की उपज के आंकड़ों के आधार पर नुकसान का आकलन और नियमों के अनुसार बीमा राशि का भुगतान किया जाता है। जिला सहकारिता पदाधिकारी से मिलेगी जानकारी योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए किसान प्रखंड स्तर पर प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी और जिला स्तर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, खगड़िया के प्रबंध निदेशक से भी जानकारी ली जा सकती है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी अधिसूचित फसल, भूमि संबंधी दस्तावेज और पात्रता की जानकारी प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फसल बीमा कराएं, ताकि फसल नुकसान की स्थिति में योजना का लाभ मिल सके।

