जिला अस्पताल की मेटरनिटी विंग का एक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) 25 सितंबर से बंद होने की जानकारी सामने आई है। 29 अक्टूबर तक करीब 35 दिन बीतने के बाद भी इसके चालू नहीं होने से महिला मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं के सामने उपचार को लेकर मुश्किलें खड़ी होने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार, मेटरनिटी ओटी बंद होने से बच्चेदानी से संबंधित ऑपरेशन कराने वाली महिलाओं को परेशानी हो रही है। वहीं, गर्भवती महिलाओं के प्रसव और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को लेकर भी दिक्कतें सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार मिलने को लेकर चिंता बनी हुई है। 35 दिन बाद भी एक ओटी शुरू नहीं 25 सितंबर से 29 अक्टूबर तक करीब 35 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मेटरनिटी ओटी के दोबारा चालू होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की महत्वपूर्ण सुविधा लंबे समय तक बंद रहने से मरीजों की परेशानी बढ़ने की बात सामने आ रही है। निजी अस्पताल का खर्च उठाना मुश्किल जिला अस्पताल में महिलाएं कम खर्च में उपचार मिलने की उम्मीद से पहुंचती हैं। ओटी बंद रहने की स्थिति में उन्हें ऑपरेशन या अन्य उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए निजी अस्पताल में उपचार कराना आसान नहीं होता। इससे मरीजों के साथ उनके परिजनों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। CMHO बोले- चार में से तीन ओटी चालू इस मामले में CMHO राजकुमार ऋषिश्वर का कहना है कि मेटरनिटी विंग में चार ओटी हैं। किसी कारणवश एक ओटी बंद रहती है तो बाकी तीन ओटी चालू रहती हैं और इनमें ऑपरेशन किए जा रहे हैं।

