लोक आस्था के महापर्व छठ पर अपनों के पास लौटने की तड़प क्या होती है, इसकी एक भावुक और प्रेरक मिसाल नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में देखने को मिली है। चेन्नई स्थित लोहे की फैक्ट्री में वेल्डर का काम करने वाले 20 वर्षीय प्रवासी मजदूर शत्रुघ्न कुमार ने छठ पर घर आने के लिए अपनी करीब महीने भर की गाढ़ी कमाई हवाई टिकट पर खर्च कर दी। उसने मां से वादा किया था कि इस बार छठ पूजा में फ्लाइट से घर आएंगे। चेन्नई से पटना तक इंडिगो की फ्लाइट से सफर करने और विमान के अंदर एयर होस्टेस के साथ बनाया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो के पीछे की कहानी महज हवाई सफर की नहीं है। यह गरीबी, संघर्ष और मां के प्रति बेटे के प्रेम की कहानी है। मां से किया था वादा, चार महीने पहले कराई थी बुकिंग दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे शत्रुघ्न कुमार चेन्नई में लोहे के कारखाने में वेल्डिंग का काम कर परिवार का हाथ बंटाते हैं। उनकी मासिक आय करीब 15 हजार रुपए है। त्योहार के मौके पर लंबी दूरी की ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ और कंफर्म टिकट की मारामारी को देखते हुए शत्रुघ्न ने इस बार मां वादा किया था कि छठ पर ट्रेन की धक्के खाकर नहीं, बल्कि हवाई जहाज से सीधे पटना आएंगे। अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिए चार महीने पहले ही हवाई टिकट बुक करा लिया था। टिकट का खर्च उनकी महीने भर की कमाई के बराबर था, लेकिन मां के चेहरे पर मुस्कान देखने की चाहत के आगे पैसों की परवाह नहीं की।
पहली बार विमान में बैठे, एयर होस्टेस ने भी कहा ‘हाय’ शत्रुघ्न ने बताया कि पहली बार फ्लाइट पर बैठा था। बादलों के बीच उड़ते विमान में खिड़की से बाहर देखना और आसमान का नजारा किसी सपने के सच होने जैसा था। इसी दौरान फ्लाइट के अंदर अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया। पटना एयरपोर्ट पर लैंड करने से पहले शत्रुघ्न फोन से वीडियो बना रहा था। इस दौरान वहां मौजूद एयर होस्टेस ने भी कैमरे के सामने आकर मुस्कुराते हुए ‘हाय’ कहा। हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इंस्टाग्राम पर ‘@mafiya31740’ हैंडल से साझा किया गया यह वीडियो देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया।
गांव में किसी सेलिब्रिटी की तरह हुआ स्वागत गांव पहुंचने पर शत्रुघ्न का जोरदार स्वागत हुआ। ग्रामीणों ने गले में फूल-मालाएं पहनाकर किसी सेलिब्रिटी की तरह स्वागत किया। बेटे के सुरक्षित और पर्व से पहले घर पहुंचने पर मां की आंखें भर आईं। मां ने गर्व से कहा कि बेटे ने जो वादा किया था, उसे पूरा करके दिखाया। हालांकि शत्रुघ्न ने शेष 5 महीने की कमाई अपने घर वालों को दे दी। ‘वापसी का बाद में देखेंगे’ बातचीत के दौरान शत्रुघ्न ने बताया मेरे साथ काम करने वाले कई लोग इस बार भी त्योहार पर घर नहीं आ सके। क्योंकि ट्रेन में कंफर्म सीट नहीं है। वापसी के सवाल पर कहा कि अभी तो घर पहुंचे हैं, पूरे परिवार के साथ धूमधाम से छठ पूजा मनाएंगे, उसके बाद ही आगे की वापसी का सोचा जाएगा। सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त समर्थन सोशल मीडिया पर शत्रुघ्न के इस फैसले को लेकर लोगों ने जमकर सराहना की है। कई यूजर्स ने लिखा, ‘मां बुलाए और बेटा गांव न जाए, परदेश में इतना दम नहीं है।’
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि यह मजदूर की अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई है और उसे अपनी खुशी पर खर्च करने का पूरा हक है।
शत्रुघ्न की यह कहानी त्योहार के दौरान परदेस में पसीना बहा रहे लाखों बिहारी मजदूरों के संघर्ष, आत्म सम्मान और परिजनों के प्रति अटूट प्रेम का जीवंत उदाहरण है। लोक आस्था के महापर्व छठ पर अपनों के पास लौटने की तड़प क्या होती है, इसकी एक भावुक और प्रेरक मिसाल नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में देखने को मिली है। चेन्नई स्थित लोहे की फैक्ट्री में वेल्डर का काम करने वाले 20 वर्षीय प्रवासी मजदूर शत्रुघ्न कुमार ने छठ पर घर आने के लिए अपनी करीब महीने भर की गाढ़ी कमाई हवाई टिकट पर खर्च कर दी। उसने मां से वादा किया था कि इस बार छठ पूजा में फ्लाइट से घर आएंगे। चेन्नई से पटना तक इंडिगो की फ्लाइट से सफर करने और विमान के अंदर एयर होस्टेस के साथ बनाया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो के पीछे की कहानी महज हवाई सफर की नहीं है। यह गरीबी, संघर्ष और मां के प्रति बेटे के प्रेम की कहानी है। मां से किया था वादा, चार महीने पहले कराई थी बुकिंग दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे शत्रुघ्न कुमार चेन्नई में लोहे के कारखाने में वेल्डिंग का काम कर परिवार का हाथ बंटाते हैं। उनकी मासिक आय करीब 15 हजार रुपए है। त्योहार के मौके पर लंबी दूरी की ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ और कंफर्म टिकट की मारामारी को देखते हुए शत्रुघ्न ने इस बार मां वादा किया था कि छठ पर ट्रेन की धक्के खाकर नहीं, बल्कि हवाई जहाज से सीधे पटना आएंगे। अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिए चार महीने पहले ही हवाई टिकट बुक करा लिया था। टिकट का खर्च उनकी महीने भर की कमाई के बराबर था, लेकिन मां के चेहरे पर मुस्कान देखने की चाहत के आगे पैसों की परवाह नहीं की।
पहली बार विमान में बैठे, एयर होस्टेस ने भी कहा ‘हाय’ शत्रुघ्न ने बताया कि पहली बार फ्लाइट पर बैठा था। बादलों के बीच उड़ते विमान में खिड़की से बाहर देखना और आसमान का नजारा किसी सपने के सच होने जैसा था। इसी दौरान फ्लाइट के अंदर अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया। पटना एयरपोर्ट पर लैंड करने से पहले शत्रुघ्न फोन से वीडियो बना रहा था। इस दौरान वहां मौजूद एयर होस्टेस ने भी कैमरे के सामने आकर मुस्कुराते हुए ‘हाय’ कहा। हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इंस्टाग्राम पर ‘@mafiya31740’ हैंडल से साझा किया गया यह वीडियो देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया।
गांव में किसी सेलिब्रिटी की तरह हुआ स्वागत गांव पहुंचने पर शत्रुघ्न का जोरदार स्वागत हुआ। ग्रामीणों ने गले में फूल-मालाएं पहनाकर किसी सेलिब्रिटी की तरह स्वागत किया। बेटे के सुरक्षित और पर्व से पहले घर पहुंचने पर मां की आंखें भर आईं। मां ने गर्व से कहा कि बेटे ने जो वादा किया था, उसे पूरा करके दिखाया। हालांकि शत्रुघ्न ने शेष 5 महीने की कमाई अपने घर वालों को दे दी। ‘वापसी का बाद में देखेंगे’ बातचीत के दौरान शत्रुघ्न ने बताया मेरे साथ काम करने वाले कई लोग इस बार भी त्योहार पर घर नहीं आ सके। क्योंकि ट्रेन में कंफर्म सीट नहीं है। वापसी के सवाल पर कहा कि अभी तो घर पहुंचे हैं, पूरे परिवार के साथ धूमधाम से छठ पूजा मनाएंगे, उसके बाद ही आगे की वापसी का सोचा जाएगा। सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त समर्थन सोशल मीडिया पर शत्रुघ्न के इस फैसले को लेकर लोगों ने जमकर सराहना की है। कई यूजर्स ने लिखा, ‘मां बुलाए और बेटा गांव न जाए, परदेश में इतना दम नहीं है।’
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि यह मजदूर की अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई है और उसे अपनी खुशी पर खर्च करने का पूरा हक है।
शत्रुघ्न की यह कहानी त्योहार के दौरान परदेस में पसीना बहा रहे लाखों बिहारी मजदूरों के संघर्ष, आत्म सम्मान और परिजनों के प्रति अटूट प्रेम का जीवंत उदाहरण है।

