गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पहले भाजपा के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने निर्वाचन आयेग को पत्र लिखकर धांधली की शिकायत की है। अब इस चुनाव में रनर रहे निर्दल प्रत्याशी राजीव यादव ने भी निर्वाचन आयोग को 3 पेज का पत्र लिखकर मतगणना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया रद्द कर दोबारा चुनाव की मांग की भी की है। उन्होंने चौथे राउंड के 1612 मतों एवं प्रत्याशी अजय सिंह के मतपत्रों में दर्ज द्वितीय वरीयता के मतों की फोरेंसिक जांच कराने के लिए भी आवाज उठायी है। उन्होंने खुद को और उनके एजेंटों को धमकाने और जेल भेजने की धमकी देकर डराने का भी आरोप लगाया है। हालांकि प्रशासन की ओर से पारदर्शी तरीके से मतगणना संपन्न कराने की बात कही जा रही है। राजीव यादव ने आरोप लगाया है कि मतगणना के लिए बनाए गए 14 टेबल पर उनके पक्ष के जिन-जिन विवादित मतपत्रों को निर्णय लेने के लिए रिटर्निंग आफिसर के टेबल पर भेजा गया, उसे रद्द कर दिया गया। जबकि ठीक उसी प्रकार के बीजेपी प्रत्याशी के मतपत्रों को वैध माना गया। उन्होंने सवाल किया कि इस चुनाव में शिक्षकों ने वोट दिया था, क्या उन्हें गिनती लिखनी नहीं आती।
उन्होंने कहा कि बूथ संख्या 115, कार्यालय नगर पालिका मऊनाथभंजन की मतपेटी में मतपत्र पीठासीन अधिकारी द्वारा लेखा में दर्ज मतपत्रों से 52 अधिक थे। यह चुनाव प्रक्रिया को संदिग्ध बनाता है। राजीव यादव ने प्रथम वरीयता के मतों के चार चक्रों के बतों का उदाहरण देते हुए सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि पहले चक्र की गणना में भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी को 27.23 प्रतिशत, राजीव यादव को 26.45 प्रतिशत, सपा के डा. संजयन त्रिपाठी को 19.6 प्रतिशत वोट मिले। इसी तरह दूसरे चक्र की समाप्ति के बाद ध्रुव त्रिपाठी को 25.79, राजीव यादव को 26.81 एवं डा. संजयन को 19.59 प्रतिशत वोट मिले। तीसरे चक्र में ध्रुव त्रिपाठी को 24.90, राजीव यादव को 27.35 व डा. संजयन को 19.15 प्रतिशत वोट मिले। जबकि चौथे राउंड में इस ट्रेंड में अप्रत्याशित परिवर्तन देखने को मिला। इसमें ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 57.50, राजीव यादव को 7.94 व डा. संजयन त्रिपाठी को 7.87 प्रतिशत वोट मिले।
उन्होंने कहा कि अंतिम 1612 मतों की गिनती में भाजपा प्रत्याशी के मतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राउंड के 1612 मतों के सभी मतपत्रों पर भाजपा प्रत्याशी को छोड़कर सभी प्रत्याशियों के पक्ष में पड़े प्रथम वरीयता के मतों को चतुर्थ (1 को 4) बनाया गया था। भाजपा प्रत्याशी के खाली कॉलम में प्रथम वरीयता लिखा गया था। जिसकी ओवरराइटिंग स्पष्ट दिखाई दे रही थी। जिसकी शिकायत तत्काल ही भाजपा को छोड़कर अन्य सभी प्रत्याशियों ने रिटर्निंग आफिसर से करते हुए मतगणना, इसकी जांच करने, वीडियो रिकार्डिंग देखाने की लिखित मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस पर मतगणना एजेंटों को डराने का आरोप राजीव यादव ने आरोप लगाया कि उनके मतगणना एजेंटों को पुलिस द्वारा डराया गया। जेल में डालने की धमकी दी गई और धक्का देकर मतगणना स्थल से निकालने का प्रयास किया गया। 27 अक्टूबर की सुबह 7:30 बजे स्ट्रांग रूम खोलते समय सभी प्रत्याशियों को बुलाया गया। लेकिन प्रत्येक चक्र में गणना के लिए मतपेटी निकालते समय किसी प्रत्याशी को अंदर नहीं जाने दिया गया। प्रत्याशी अजय सिंह के मतपत्रों में छेड़छाड़
राजीव यादव का आरोप है कि प्रत्याशी अजय सिंह के प्रथम वरीयता के अधिकांश मतपत्रों में बीजेपी प्रत्याशी के कॉलम में द्वितीय वरीयता दर्ज था, जो अलग पेन से लिखा हुआ दिखाई दे रहा था। मतगणना के किसी भी चक्र के बाद प्रत्याशियों को मिले मत का प्रमाणित टेबल नहीं दिया गया। जैसा निर्वाचन आयोग का निर्देश है। विवाद होने के बाद चतुर्थ चक्र के बाद सभी मतों का प्रमाणित टेबुलेशन दिया गया। मतगणना के प्रथम चक्र के बाद आरओ की ओर से सभी प्रत्याशियों को मिले मतों की घोषणा की गई। बीजेपी प्रत्याशी के बढ़त की भी घोषणा की गई। लेकिन दूसरे व तीसरे चक्र में राजीव यादव के बढ़त की घोषणा नहीं की गई। चौथे चक्र में भाजपा प्रत्याशी के बढ़त की घोषणा की गई।

