भारतीय जनता युवा मोर्चा के नए जिला अध्यक्ष और महामंत्री की घोषणा कर दी गई है। करीब 3 महीने से चल रही खींचतान के बाद इटारसी के कुलदीप रघुवंशी को जिलाध्यक्ष और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पृष्ठभूमि से आने वाले रूपेन्द्र साहू को जिला महामंत्री बनाया गया है। नियुक्तियों को संगठन में संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर की ओर से जारी सूची में कुलदीप रघुवंशी का नाम सामने आते ही भाजपा के भीतर गुटीय समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई। वजह यह है कि अप्रैल 2023 में नगर मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद हुए विवाद और मारपीट के मामले में कुलदीप को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया था। हालांकि, लोकसभा चुनाव के दौरान उनकी संगठन में वापसी हो गई थी। 2023 में नगर अध्यक्ष नहीं बनने पर हुआ था विवाद 1 अप्रैल 2023 को भाजपा के दोनों मंडलों के अध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश जारी हुए थे। इटारसी नगर मंडल अध्यक्ष के पद पर अभिषेक निर्मल की नियुक्ति हुई थी। इस पद के लिए कुलदीप रघुवंशी भी दावेदारी कर रहे थे। आरोप है कि उसी रात करीब 11:45 बजे अभिषेक निर्मल को फोन कर आरएमएस कॉलोनी चौराहे पर बुलाया गया। अभिषेक अपने साथी विनायक दुबे, अमनदीप सिंह और हनु बंजारा के साथ वहां पहुंचे। आरोप के मुताबिक, कुलदीप ने पहले उन्हें बधाई दी और फिर मारपीट शुरू कर दी। अभिषेक का आरोप था कि उन्हें बाइक पर बैठाकर बोरतलाई रोड स्थित रेलवे लाइन तक ले जाया गया। वहां भी उनके साथ मारपीट की गई और अध्यक्ष बनने के बाद काम करने को लेकर धमकाया गया। किसी तरह वहां से निकलने के बाद अभिषेक ने भाजपा नेताओं को घटना की जानकारी दी। इसके बाद भाजपा नेता संदेश पुरोहित, जोगिंदर सिंह और कुलदीप रावत उनके साथ थाने पहुंचे। पुलिस ने अभिषेक की शिकायत पर मेडिकल कराया और करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद कुलदीप रघुवंशी, गोपाल मालवीय और दुर्गेश बघेल के खिलाफ रास्ता रोककर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया। बाद में धाराएं बढ़ने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, उन्हें बाद में जमानत मिल गई। मामले में पुलिस ने चालान भी पेश किया था। 6 साल के निष्कासन के बाद लोकसभा चुनाव में वापसी इस घटना के बाद तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष माधव दास अग्रवाल ने पार्टी की छवि खराब करने के आरोप में कुलदीप रघुवंशी को 6 साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, लोकसभा चुनाव के दौरान संभाग प्रभारी पंकज जोशी, तत्कालीन जिलाध्यक्ष माधव अग्रवाल और प्रत्याशी दर्शन चौधरी के नेतृत्व में उनकी संगठन में वापसी हुई। विधायक सीताशरण शर्मा के करीबी माने जाते हैं कुलदीप स्थानीय राजनीतिक समीक्षकों के मुताबिक, कुलदीप रघुवंशी को नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा का करीबी समर्थक माना जाता है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नई नियुक्तियों को लेकर चल रही बैठकों में विधायक खेमे की भूमिका अहम रही। इसे जिले की युवा राजनीति में विधायक समर्थक खेमे के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, नियुक्ति को लेकर संगठन की ओर से किसी गुटीय दबाव या पुराने निष्कासन आदेश में बदलाव के कारणों पर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

