प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के मामले में सिविल लाइंस पुलिस ने 14 नामजद समेत करीब 100 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि अभ्यर्थियों ने एकलव्य चौराहे पर बैरियर लगाकर रास्ता रोक दिया और सरकारी मोबाइल बैरियर तोड़ दिया। इससे यातायात बाधित हो गया और सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। जाम में एंबुलेंस भी फंस गईं। पुलिस ने 10 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार को अभ्यर्थी पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर एकलव्य चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने चौराहे के चारों ओर बैरियर लगाकर आवागमन रोक दिया। पुलिसकर्मियों ने कई बार समझाकर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी तैयार नहीं हुए। आरोप है कि इस दौरान सरकारी बैरियर गिराकर तोड़ दिया गया। इससे चौराहे पर जाम लग गया और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम में फंसीं एंबुलेंस, मरीजों को परेशानी धरनास्थल चौकी प्रभारी मयंकधर द्विवेदी की तहरीर के आधार पर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि जाम के कारण पुलिसकर्मी भी अपनी ड्यूटी पर नहीं जा सके। एंबुलेंस फंसने से मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने में भी दिक्कत हुई। उनका कहना है कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद बिना अनुमति प्रदर्शन करने के साथ ही सड़क जाम करते हुए गालीगलौज और सरकारी काम में बाधा भी डाली गई। इन लोगों को किया गया नामजद मामले में आशुतोष पांडेय, रिंकी चौहान, अभिषेक शुक्ला, अखिलेश वर्मा, कपिल देव केडी वर्मा, प्रवीण कुमार, भावना सिंह, अनूप त्रिवेदी, रंजन कुमार, शशिकांत, हिमांशु अग्रवाल और अभिषेक द्विवेदी समेत 14 लोगों को नामजद किया गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

