मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो युवक लापता हो गए हैं। इसके बाद कुकी समुदाय के संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने गुरुवार शाम 5 बजे से 48 घंटे के बंद का ऐलान किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लापता युवकों की पहचान 21 साल के थांगगिनलुन चोंगलोई और 20 साल के पाओगिनलाल हैंगसिंग के रूप में हुई है। दोनों बुधवार शाम ताफू कुकी गांव के पास से लापता हुए थे। COTU ने आरोप लगाया कि दोनों युवकों का अपहरण नगा समुदाय के लोगों ने किया है। संगठन ने घटना की निंदा करते हुए दोनों की सुरक्षित रिहाई की मांग की है। एक अधिकारी ने बताया कि दोनों युवकों का अब तक कोई पता नहीं चला है। मामले की जांच की जा रही है। संगठन ने युवकों की रिहाई की मांग की COTU संगठन ने दोनों युवकों की तत्काल, सुरक्षित और बिना किसी शर्त रिहाई की मांग की है। संगठन ने सरकार से उन्हें बचाने के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील भी की है। मणिपुर में 3 मई 2023 को मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। इसके बाद राज्य में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ और हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। ह्यूमन राइट्स वॉच के सितंबर 2026 के आकलन के मुताबिक, इस हिंसा में 260 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 60 हजार से अधिक लोग विस्थापित हुए। पुलिस ने सुनुरोक पहाड़ी पर हुए हमले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया सुनुरोक पहाड़ी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने 19 अक्टूबर को 3 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी और 3 घायल हुए थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 हथियार, 1,095 कारतूस और विस्फोटक बरामद किए। वहीं, घटना से नाराज लोगों ने इम्फाल में मुख्यमंत्री के आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े थे। मणिपुर हिंसा पर खड़गे ने मोदी-शाह से पूछे सवाल खड़गे ने मणिपुर में फिर हुई हिंसा को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने 21 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि राज्य में चार निर्दोष नागरिकों की हत्या निंदनीय है। खड़गे ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से तीन सवाल पूछे। फरवरी से अक्टूबर तक हिंसा की घटनाएं 7–11 फरवरी: उखरुल जिले के लितान इलाके में दो तांगखुल नगा और दो कुकी युवकों के बीच झगड़े के बाद तनाव बढ़ा। एक कुकी परिवार के खाली घर में आग लगाई गई। बाद में पत्थरबाजी, गोलीबारी और आगजनी हुई। प्रशासन ने कर्फ्यू और इंटरनेट प्रतिबंध लगाए। 24–25 अप्रैल: उखरुल के सिनाकीथेल और मुल्लम गांवों के पास दो गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई। मृतकों में तांगखुल नगा समुदाय का एक व्यक्ति भी शामिल था। 7–8 मई: उखरुल और कामजोंग जिलों में गोलीबारी और आगजनी हुई। कम से कम छह लोग घायल हुए। भारत-म्यांमार सीमा के पास तांगखुल नगा समुदाय के तीन गांवों में 15 तक घरों पर हमले और आगजनी की सूचना मिली। 10 से 15 अगस्त: ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक, नगा और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा में कम से कम सात लोग मारे गए। 15 से 20 सितंबर: शुरुआत तक इस संघर्ष में मरने वालों की संख्या 34 बताई गई थी। महीने के अंत तक रिपोर्टों में नगा-कुकी संघर्ष में 50 से अधिक मौतों का उल्लेख किया गया। हिंसा के कारण दोनों समुदायों के बीच तनाव और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ीं। 17 अक्टूबर: कामजोंग जिले के चसाद गांव में शनिवार को कुकी और नगा समुदायों के हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी हुई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। ————— यह खबर भी पढ़ें… मणिपुर में हिंसा भड़की, 10 की मौत:उग्रवादियों ने पुलिस स्टेशन, 14 घर जलाए; इस साल हुई घटनाओं में 40 से ज्यादा मौतें मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में हथियारबंद गुटों के बीच झड़पों में 24 घंटे के दौरान एक महिला समेत 10 लोगों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
मणिपुर के कांगपोकपी से दो युवक लापता:नगा समुदाय पर अपहरण का आरोप; आदिवासी संगठन ने 48 घंटे के बंद का ऐलान किया

