UP विधान परिषद चुनाव में INDIA गठबंधन का मजबूत प्रदर्शन, Congress ने 2027 का सेमीफाइनल बताया

UP विधान परिषद चुनाव में INDIA गठबंधन का मजबूत प्रदर्शन, Congress ने 2027 का सेमीफाइनल बताया

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के प्रदर्शन को बृहस्पतिवार को विपक्षी गठबंधन की जीत तथा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का ‘‘सेमीफाइनल’’ करार दिया और पार्टी नेताओं ने वाराणसी तथा लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) की जीत को रेखांकित करते हुए इसे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण बताया। ‘इंडिया’ गठबंधन में सपा की सहयोगी कांग्रेस ने 11 सीट में से किसी पर भी अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय पहले से तय था और भाजपा विरोधी मतों को एकजुट रखने और ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए सपा के साथ आपसी सहमति से यह फैसला लिया गया था।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष अर्चना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि चुनाव परिणामों से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रति जनता में बढ़ते उत्साह का पता चलता है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में शिक्षित मतदाताओं से गठबंधन को मिला समर्थन संकेत देता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी लोग उसका समर्थन करेंगे। मिश्रा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नीत सरकार से जनता का भरोसा कम हुआ है।

उन्होंने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी में ‘इंडिया’ गठबंधन की जीत पर बधाई दी जो 2014 से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रहा है। राय ने बृहस्पतिवार शाम सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि गठबंधन के उम्मीदवारों ने वाराणसी में स्नातक और शिक्षक, दोनों विधान परिषद सीट पर जीत हासिल की है।

उन्होंने इस जीत को “जनता के भरोसे, लोकतांत्रिक मूल्यों और जन-केंद्रित राजनीति का प्रतिबिंब” बताया। उन्होंने स्नातक सीट जीतने वाले आशुतोष सिन्हा और शिक्षक सीट पर विजयी लाल बिहारी यादव को बधाई दी। राय ने इस जीत का श्रेय ‘इंडिया’ गठबंधन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, युवाओं, किसानों, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों ने ‘इंडिया’ गठबंधन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव के नतीजे राज्य सरकार के खिलाफ स्नातक मतदाताओं और शिक्षकों के असंतोष को दर्शाते हैं। लोकसभा में सहारनपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि इन नतीजों का महत्व केवल जीती गई सीट की संख्या तक सीमित नहीं है।

मसूद ने कहा, “बात सिर्फ दो सीट के फायदे की नहीं है। असल बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में हार गए, नितिन नवीन पटना में हार गए और मोहन भागवत नागपुर में हार गए। पूरे देश में लोगों का गुस्सा साफ तौर पर दिख रहा है।”
मसूद ने मतगणना प्रक्रिया में हेरफेर की कोशिशों को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसी कोशिशों के बावजूद सपा उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहे।

बुधवार और बृहस्पतिवार को घोषित नतीजों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीट के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने छह और सपा ने पांच सीट जीतीं। कांग्रेस नेताओं ने वाराणसी और लखनऊ में मिली जीत को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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