India at Hong Kong Sixes 2026: हांगकांग सिक्सेस के लिए भारत की इस बार मजबूत टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जा रही है। पहले भुवनेश्वर कुमार का भी इस टूर्नामेंट के लिए चयन हुआ था, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए चुने जाने की वजह से उन्हें इस टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था। क्रुणाल पांड्या की अगुवाई में नीतीश राणा, टी. नटराजन, राहुल त्रिपाठी, राहुल तेवतिया और शशांक सिंह जैसे स्टार खिलाड़ी 21 साल के सूखे को खत्म करना चाहेंगे।
2005 में भारत ने जीता था आखिरी खिताब
भारतीय टीम ने आखिरी खिताब 2005 में जीता था, लेकिन इसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम छह बार चैंपियन रही है। सबसे खास बात यह है कि पिछले बार की डिफेंडिंग चैंपियन भी पाकिस्तान ही है। 1997, 2001 और 2002 में लगातार तीन खिताब जीतने वाली पाकिस्तान की टीम ने 2011 और 2025 का भी खिताब जीता। साथ ही, जब पहली बार इस टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था, तब उसने भारत को ही हराकर चैंपियनशिप जीती थी।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में 3 बार फाइनल पहुंची है। एक बार उसे वेस्टइंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है, तो एक बार पाकिस्तान से हारी है, लेकिन 2005 में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को ही हराकर खिताब जीता था। पाकिस्तान 12 बार फाइनल खेल चुका है, जिसमें से छह बार खिताब जीता है। इसके अलावा, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड पांच-पांच बार चैंपियन रहे हैं, तो श्रीलंका ने भी दो बार खिताब जीता है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने एक-एक बार खिताब अपने नाम किया है।
12 टीमें ले रही हैं हिस्सा
इस टूर्नामेंट में 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें तीन-तीन टीमों के चार ग्रुप में बांटा गया है। भारतीय टीम को UAE और पाकिस्तान के साथ ग्रुप C में रखा गया है। इस टूर्नामेंट के सभी मैच फैनकोड पर लाइव देखे जा सकते हैं। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया का सामना हांगकांग से होगा, तो वहीं इसी दिन भारतीय टीम की टक्कर पाकिस्तान से होगी। 31 अक्टूबर को भारतीय टीम अपना दूसरा मुकाबला खेलेगी और हर ग्रुप से पहले स्थान पर रहने वाली टीम सेमीफाइनल में जगह बनाएगी। सेमीफाइनल जीतने वाली टीमें 1 नवंबर को फाइनल खेलेंगी।
अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें प्लेट ग्रुप के सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें बाउल ग्रुप के सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। इसके बाद इसी तरह प्लेट, बाउल और मेन ग्रुप के फाइनल मुकाबले भी खेले जाएंगे।
बेहद रोमांचक हैं इसके नियम
एक टीम में 6 खिलाड़ी होंगे और मुकाबला 6 ओवर का होगा, जहां विकेटकीपर को छोड़कर सभी खिलाड़ियों को एक-एक ओवर गेंदबाजी करनी होगी। इस टूर्नामेंट में नो-बॉल पर कोई फ्री हिट नहीं होती, लेकिन नो-बॉल और वाइड के लिए एक की जगह दो अतिरिक्त रन मिलते हैं। इसके अलावा, 50 रन बनाने पर बल्लेबाज को रिटायर होना पड़ता है, लेकिन बाद में वह दोबारा बल्लेबाजी कर सकता है।



