जमुई-पति की लंबी उम्र को रखा निर्जला व्रत ‘करवा चौथ’:9 बजे दिखा चांद, पूजा-अर्चना के बाद पति के हाथों पानी पीकर खोला उपवास

जमुई-पति की लंबी उम्र को रखा निर्जला व्रत ‘करवा चौथ’:9 बजे दिखा चांद, पूजा-अर्चना के बाद पति के हाथों पानी पीकर खोला उपवास

जमुई में पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना को लेकर गुरुवार को जमुई में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। हालांकि, रुक-रुककर हुई बारिश के कारण महिलाओं को पूजा की तैयारियों और चांद के दर्शन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पर्व को लेकर महिलाओं का उत्साह बना रहा। सोलह शृंगार कर महिलाओं ने की पूजा की तैयारी करवा चौथ को लेकर सुबह से ही घरों में उत्साह का माहौल रहा। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर सोलह शृंगार किया। पूजा के लिए करवा, दीपक, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री की व्यवस्था की गई। कई महिलाओं ने हाथों में मेहंदी लगाकर पर्व की खुशियां मनाईं। कथा सुनकर पति की लंबी उम्र की कामना शाम को महिलाओं ने विधि-विधान से करवा चौथ की पूजा की और व्रत से जुड़ी पारंपरिक कथा सुनी। इस दौरान पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। नवविवाहित महिलाओं में पर्व को लेकर खास उत्साह दिखा। वहीं, वर्षों से व्रत करती आ रही महिलाओं ने भी परंपरा निभाई। बारिश ने बढ़ाई परेशानी, चांद का रहा इंतजार दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार रहा। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण पूजा की तैयारियों और चंद्रमा के दर्शन में बाधा आई। मौसम की परेशानी के बावजूद महिलाओं ने श्रद्धा के साथ व्रत पूरा करने की तैयारी जारी रखी। चांद के दर्शन के बाद खोला व्रत रात करीब नौ बजे चांद के दर्शन होने के बाद महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोला। इसी के साथ दिनभर से जारी निर्जला उपवास का समापन हुआ। प्रेम और विश्वास का प्रतीक है करवा चौथ करवा चौथ को पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। जमुई में बारिश के कारण आई कठिनाइयों के बावजूद महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ पर्व मनाया। जमुई में पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना को लेकर गुरुवार को जमुई में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। हालांकि, रुक-रुककर हुई बारिश के कारण महिलाओं को पूजा की तैयारियों और चांद के दर्शन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पर्व को लेकर महिलाओं का उत्साह बना रहा। सोलह शृंगार कर महिलाओं ने की पूजा की तैयारी करवा चौथ को लेकर सुबह से ही घरों में उत्साह का माहौल रहा। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर सोलह शृंगार किया। पूजा के लिए करवा, दीपक, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री की व्यवस्था की गई। कई महिलाओं ने हाथों में मेहंदी लगाकर पर्व की खुशियां मनाईं। कथा सुनकर पति की लंबी उम्र की कामना शाम को महिलाओं ने विधि-विधान से करवा चौथ की पूजा की और व्रत से जुड़ी पारंपरिक कथा सुनी। इस दौरान पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। नवविवाहित महिलाओं में पर्व को लेकर खास उत्साह दिखा। वहीं, वर्षों से व्रत करती आ रही महिलाओं ने भी परंपरा निभाई। बारिश ने बढ़ाई परेशानी, चांद का रहा इंतजार दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद महिलाओं को चांद निकलने का इंतजार रहा। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण पूजा की तैयारियों और चंद्रमा के दर्शन में बाधा आई। मौसम की परेशानी के बावजूद महिलाओं ने श्रद्धा के साथ व्रत पूरा करने की तैयारी जारी रखी। चांद के दर्शन के बाद खोला व्रत रात करीब नौ बजे चांद के दर्शन होने के बाद महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोला। इसी के साथ दिनभर से जारी निर्जला उपवास का समापन हुआ। प्रेम और विश्वास का प्रतीक है करवा चौथ करवा चौथ को पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। जमुई में बारिश के कारण आई कठिनाइयों के बावजूद महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ पर्व मनाया।  

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