सहरसा, तमिलनाडु में मजदूरी करने गए सहरसा के 40 वर्षीय बबलू सिन्हा की मौत हो गई। गुरुवार शाम सरकारी एंबुलेंस से उनका शव सहरसा स्थित घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और चार लाख रुपये की सरकारी सहायता देने की मांग की है। दो महीने पहले मजदूरी करने गए थे तमिलनाडु बबलू सिन्हा सहरसा नगर निगम के वार्ड संख्या 12 स्थित रामफल शाह टोला के रहने वाले थे। वह सदन मोहन प्रसाद सिंह के बेटे थे। उनके चाचा गणेश के मुताबिक, बबलू करीब दो महीने पहले मजदूरी करने तमिलनाडु गए थे। परिवार को 25 अक्टूबर को वहां की पुलिस ने फोन कर उनकी मौत की सूचना दी थी। छत पर काम के दौरान गिरने की मिली सूचना परिजनों को बताया गया कि छत पर मजदूरी करने के दौरान गिरने से बबलू की मौत हो गई। हालांकि, परिवार को घटना की परिस्थितियों पर संदेह है। परिजनों का कहना है कि उन्हें शक है कि बबलू को किसी ने धक्का दिया होगा। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। गर्भवती पत्नी और दो छोटे बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़ बबलू परिवार में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में 13 साल का बेटा और दो साल की बेटी है। उनकी पत्नी मीरा देवी आठ महीने की गर्भवती हैं। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया है। जांच और चार लाख रुपये की सहायता की मांग परिजनों ने मौत की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार से चार लाख रुपये की सहायता देने की अपील की है। सहरसा, तमिलनाडु में मजदूरी करने गए सहरसा के 40 वर्षीय बबलू सिन्हा की मौत हो गई। गुरुवार शाम सरकारी एंबुलेंस से उनका शव सहरसा स्थित घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और चार लाख रुपये की सरकारी सहायता देने की मांग की है। दो महीने पहले मजदूरी करने गए थे तमिलनाडु बबलू सिन्हा सहरसा नगर निगम के वार्ड संख्या 12 स्थित रामफल शाह टोला के रहने वाले थे। वह सदन मोहन प्रसाद सिंह के बेटे थे। उनके चाचा गणेश के मुताबिक, बबलू करीब दो महीने पहले मजदूरी करने तमिलनाडु गए थे। परिवार को 25 अक्टूबर को वहां की पुलिस ने फोन कर उनकी मौत की सूचना दी थी। छत पर काम के दौरान गिरने की मिली सूचना परिजनों को बताया गया कि छत पर मजदूरी करने के दौरान गिरने से बबलू की मौत हो गई। हालांकि, परिवार को घटना की परिस्थितियों पर संदेह है। परिजनों का कहना है कि उन्हें शक है कि बबलू को किसी ने धक्का दिया होगा। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। गर्भवती पत्नी और दो छोटे बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़ बबलू परिवार में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में 13 साल का बेटा और दो साल की बेटी है। उनकी पत्नी मीरा देवी आठ महीने की गर्भवती हैं। परिवार के सामने अब बच्चों की परवरिश और आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया है। जांच और चार लाख रुपये की सहायता की मांग परिजनों ने मौत की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार से चार लाख रुपये की सहायता देने की अपील की है।

