बैतूल में दीपावली, धनतेरस और देवउठनी ग्यारस पर हादसों का खतरा देखते हुए बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने जिले में कार्बाइड गन और गैस से चलने वाले बोतलनुमा लैंप पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अब इन उपकरणों का निर्माण, खरीद-बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। आदेश तोड़ने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी। विस्फोट से आंखों की रोशनी जाने का खतरा
प्रशासन के मुताबिक, त्योहारों के दौरान पटाखों और ज्वलनशील सामग्री के बीच इन उपकरणों के इस्तेमाल से दुर्घटना हो सकती है। विस्फोट होने पर प्लास्टिक और पाइप के टुकड़े चेहरे, त्वचा और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा भी रहता है। दुकानों और सार्वजनिक जगहों पर भी रोक
आदेश के तहत दुकानों, गोदामों, मकानों, अस्थायी बाजारों, मेलों और सार्वजनिक जगहों पर इन उपकरणों को बिक्री या इस्तेमाल के लिए रखना प्रतिबंधित है। इन्हें प्रदर्शित करना, दूसरों को इस्तेमाल के लिए देना और इनके उपयोग को बढ़ावा देना भी मना है। कैल्शियम कार्बाइड का असुरक्षित या बिना अनुमति भंडारण और इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा। बाजारों में होगी निगरानी
आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस, अनुविभागीय दंडाधिकारियों और कार्यपालिक दंडाधिकारियों को दी गई है। बाजारों, धार्मिक आयोजनों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी। जानें क्या होता है कार्बाइड लैंप
कार्बाइड लैंप में कैल्शियम कार्बाइड और पानी की प्रतिक्रिया से एसिटिलीन गैस बनती है। इसे जलाने पर रोशनी होती है। गैस ज्वलनशील होने के कारण इसके असुरक्षित इस्तेमाल से आग लगने और विस्फोट का खतरा रहता है।

