जमुई-कुकुरझप डैम में 3 पहाड़ियों के बीच चलेगा रोपवे:टेंडर पूरा, हस्ताक्षर बाकी; छह महीने में काम शुरू होने की उम्मीद

जमुई-कुकुरझप डैम में 3 पहाड़ियों के बीच चलेगा रोपवे:टेंडर पूरा, हस्ताक्षर बाकी; छह महीने में काम शुरू होने की उम्मीद

जमुई की प्राकृतिक वादियों में स्थित कुकुरझप डैम को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। योजना के तहत यहां तीन पहाड़ियों से होकर रोपवे चलाने का प्रस्ताव है। इससे पर्यटक ऊंचाई से आसपास की हरियाली, पहाड़ियों और प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकेंगे। परियोजना का टेंडर पूरा होने और हस्ताक्षर की प्रक्रिया बाकी रहने की जानकारी दी गई है। उम्मीद जताई गई है कि अगले छह महीने के भीतर विकास कार्य शुरू हो सकता है। ऊंचाई से दिखेगी वादियों की खूबसूरती कुकुरझप डैम की पर्यटन परियोजना में रोपवे को प्रमुख आकर्षण के रूप में देखा जा रहा है। इसके लिए डैम के पास स्थित विश्रामालय भवन के समीप जगह प्रस्तावित की गई है। योजना के अनुसार, रोपवे तीन पहाड़ियों से होकर गुजरेगा। इससे पर्यटकों को ऊंचाई से आसपास के प्राकृतिक दृश्यों को देखने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, रोपवे का निर्माण और संचालन परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। टेंडर पूरा, हस्ताक्षर के बाद आगे बढ़ेगी परियोजना गुरुवार को कुकुरझप डैम का दौरा करने पहुंचे बीआईए पर्यटन कमिटी के चेयरमैन सुनील कुमार सिंह ने परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुकुरझप डैम को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ा है। उनके अनुसार, टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब हस्ताक्षर की प्रक्रिया बाकी है। अगले छह महीने के भीतर विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। चोरमारा, गुरमाहा और भट्ठाकोल भी बनेंगे इको टूरिज्म केंद्र योजना केवल कुकुरझप डैम तक सीमित नहीं है। चोरमारा, गुरमाहा और भट्ठाकोल जैसे प्राकृतिक क्षेत्रों को भी इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इन इलाकों की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन से जोड़कर जमुई में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की योजना है। इससे जिले के दूसरे प्राकृतिक स्थलों को भी पहचान मिलने की उम्मीद है। भट्ठाकोल में 10 एकड़ जमीन पर योग केंद्र का प्रस्ताव मुखिया प्रतिनिधि श्रीकांत उर्फ बिट्टू यादव के अनुसार, भट्ठाकोल की प्राकृतिक वादियों में करीब 10 एकड़ जमीन पर योग केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसका उद्देश्य देशी पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करना है। योग और प्राकृतिक वातावरण को एक साथ जोड़ने से इस क्षेत्र को अलग पहचान मिल सकती है। हालांकि, योग केंद्र के निर्माण और सुविधाओं को लेकर विस्तृत योजना की जानकारी सामने आना बाकी है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को मिल सकता है रोजगार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री और जमुई के जिलाधिकारी स्तर पर प्रयास किए जाने की बात कही गई है। पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होने से होटल, खानपान, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक असर विकास कार्य पूरा होने और पर्यटन सुविधाएं शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा। जमुई की प्राकृतिक वादियों में स्थित कुकुरझप डैम को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। योजना के तहत यहां तीन पहाड़ियों से होकर रोपवे चलाने का प्रस्ताव है। इससे पर्यटक ऊंचाई से आसपास की हरियाली, पहाड़ियों और प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकेंगे। परियोजना का टेंडर पूरा होने और हस्ताक्षर की प्रक्रिया बाकी रहने की जानकारी दी गई है। उम्मीद जताई गई है कि अगले छह महीने के भीतर विकास कार्य शुरू हो सकता है। ऊंचाई से दिखेगी वादियों की खूबसूरती कुकुरझप डैम की पर्यटन परियोजना में रोपवे को प्रमुख आकर्षण के रूप में देखा जा रहा है। इसके लिए डैम के पास स्थित विश्रामालय भवन के समीप जगह प्रस्तावित की गई है। योजना के अनुसार, रोपवे तीन पहाड़ियों से होकर गुजरेगा। इससे पर्यटकों को ऊंचाई से आसपास के प्राकृतिक दृश्यों को देखने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, रोपवे का निर्माण और संचालन परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। टेंडर पूरा, हस्ताक्षर के बाद आगे बढ़ेगी परियोजना गुरुवार को कुकुरझप डैम का दौरा करने पहुंचे बीआईए पर्यटन कमिटी के चेयरमैन सुनील कुमार सिंह ने परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुकुरझप डैम को प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ा है। उनके अनुसार, टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब हस्ताक्षर की प्रक्रिया बाकी है। अगले छह महीने के भीतर विकास कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। चोरमारा, गुरमाहा और भट्ठाकोल भी बनेंगे इको टूरिज्म केंद्र योजना केवल कुकुरझप डैम तक सीमित नहीं है। चोरमारा, गुरमाहा और भट्ठाकोल जैसे प्राकृतिक क्षेत्रों को भी इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इन इलाकों की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन से जोड़कर जमुई में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की योजना है। इससे जिले के दूसरे प्राकृतिक स्थलों को भी पहचान मिलने की उम्मीद है। भट्ठाकोल में 10 एकड़ जमीन पर योग केंद्र का प्रस्ताव मुखिया प्रतिनिधि श्रीकांत उर्फ बिट्टू यादव के अनुसार, भट्ठाकोल की प्राकृतिक वादियों में करीब 10 एकड़ जमीन पर योग केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसका उद्देश्य देशी पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करना है। योग और प्राकृतिक वातावरण को एक साथ जोड़ने से इस क्षेत्र को अलग पहचान मिल सकती है। हालांकि, योग केंद्र के निर्माण और सुविधाओं को लेकर विस्तृत योजना की जानकारी सामने आना बाकी है। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को मिल सकता है रोजगार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री और जमुई के जिलाधिकारी स्तर पर प्रयास किए जाने की बात कही गई है। पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होने से होटल, खानपान, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक असर विकास कार्य पूरा होने और पर्यटन सुविधाएं शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।  

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