Bombay High Court से Imran Khan को राहत, Leave India नोटिस पर लगी रोक

Bombay High Court से Imran Khan को राहत, Leave India नोटिस पर लगी रोक

अभिनेता इमरान खान, जिनके पास ‘ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया’ (OCI) कार्ड है, ने अधिकारियों से उन सबूतों को साझा करने के लिए कहा है, जिनके आधार पर वे उनका कार्ड रद्द करने पर विचार कर रहे हैं। गुरुवार को खान ने ‘फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस’ (FRRO) द्वारा जारी ‘लीव इंडिया नोटिस’ (भारत छोड़ने का नोटिस) को चुनौती दी। मुंबई पुलिस द्वारा एक विरोध प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लिए जाने के बाद, इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अब इस नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी है। 22 अक्टूबर के एक पत्र में खान ने FRRO को बताया कि 17 अक्टूबर को उन्हें जो ‘शो-कॉज़ नोटिस’ (कारण बताओ नोटिस) जारी किया गया था, उसमें मुंबई पुलिस द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और एक रिपोर्ट का जिक्र था। हालांकि, उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने ये दस्तावेज उनके साथ साझा नहीं किए थे। ‘शो-कॉज़ नोटिस’ में किसी व्यक्ति से यह स्पष्टीकरण मांगा जाता है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। खान ने यह भी कहा कि नोटिस में उनके नाम से दिया गया बयान “अधूरा” था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने “FIR दर्ज करने के सिलसिले में उनका बयान दर्ज करने की कोशिश तक नहीं की”। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित मौका नहीं दिया गया।

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उनके आवेदन में कहा गया है, मुझे उन सभी सामग्रियों की जांच करने का अवसर दिया जाना चाहिए, जिन पर आपने भरोसा किया है। इस अनुरोध को पूरा करने और संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने से यह सुनिश्चित होगा कि मुझे ‘नागरिकता अधिनियम’ (Citizenship Act) के कानूनी प्रावधानों के अनुसार अपनी बात रखने का उचित मौका मिले। अभिनेता ने कहा कि इन दस्तावेजों को साझा करना इसलिए और भी जरूरी है क्योंकि नोटिस में दिए गए कारण “अस्पष्ट और विरोधाभासी” हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सामग्री उपलब्ध कराने से “निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही” सुनिश्चित होगी। उन्होंने यह भी बताया कि दस्तावेजों को साझा करने से अधिकारियों को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर उन्हें ये दस्तावेज नहीं मिलते हैं, तो वे सही ढंग से जवाब नहीं दे पाएंगे और इससे उनका OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) दर्जा खतरे में पड़ सकता है।

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उन्होंने कहा मांगी गई जानकारी देने से आपके कार्यालय को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर मैं SCN (कारण बताओ नोटिस) का उचित जवाब नहीं दे पाता हूँ, तो मेरा OCI कार्ड रद्द हो सकता है। इमरान खान ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इस बात पर विचार करें कि वह 42 वर्षों तक भारत में रहे हैं और उन्होंने यहीं अपना जीवन बसाया और परिवार बनाया है। उनके अभ्यावेदन में कहा गया मैं चल रही प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। मुझे यह भी विश्वास है कि आपके कार्यालय मेरे अनुरोध पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे और इसे प्राथमिकता देंगे। 

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