करवा चौथ को लेकर अररिया शहर के मुख्य बाजार चांदनी चौक और हटिया रोड में सुबह से ही चहल-पहल बढ़ गई। पर्व को लेकर सुहागिन महिलाओं की भीड़ बाजारों में उमड़ पड़ी। महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार पूजा सामग्री, फल और मिट्टी के करवा सहित अन्य सामानों की खरीदारी करती नजर आईं। वहीं, त्योहार के मौके पर फलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत करती हैं। शाम को विधि-विधान से पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। इस दौरान भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा का विशेष महत्व है। फलों की कीमतों में दिखा उछाल करवा चौथ को लेकर बाजार में फलों की मांग बढ़ने के साथ कीमतों में भी तेजी देखी गई। बाजार में केला 60 रुपये दर्जन, सेब 120 रुपये किलो, संतरा 120 रुपये किलो और अनार 140 रुपये किलो बिक रहा है। पर्व को लेकर खरीदारी करने पहुंचीं महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार फल और पूजा सामग्री खरीदती दिखीं। 50 रुपये जोड़ा बिक रहा करवा-कलश बाजार में मिट्टी के बर्तन बेचने वाली मीना देवी और सुलोचना देवी ने बताया कि वे करवा चौथ के लिए मिट्टी के करवा और कलश 50 रुपये जोड़ा बेच रही हैं। दोनों ने सुबह चांदनी चौक पर फुटकर दुकान लगाई है। उनका कहना है कि त्योहार के मौसम में सड़क किनारे दुकान लगाकर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। दुकानदारों ने बताई अपनी परेशानी मीना देवी और सुलोचना देवी के अनुसार, दुकान लगाने के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें वहां से हटने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे गरीब परिवार से आती हैं और पर्व-त्योहार के समय थोड़ी कमाई कर परिवार चलाने की कोशिश करती हैं। ऐसे में दुकान लगाने से रोके जाने पर उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो जाती है। करवा चौथ के अवसर पर जहां शहर के बाजारों में खरीदारी को लेकर रौनक है, वहीं सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों के लिए जगह की समस्या भी सामने आ रही है। त्योहार के इस माहौल में बाजार की चहल-पहल के साथ छोटे दुकानदारों की आजीविका का सवाल भी चर्चा में है। करवा चौथ को लेकर अररिया शहर के मुख्य बाजार चांदनी चौक और हटिया रोड में सुबह से ही चहल-पहल बढ़ गई। पर्व को लेकर सुहागिन महिलाओं की भीड़ बाजारों में उमड़ पड़ी। महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार पूजा सामग्री, फल और मिट्टी के करवा सहित अन्य सामानों की खरीदारी करती नजर आईं। वहीं, त्योहार के मौके पर फलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत करती हैं। शाम को विधि-विधान से पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। इस दौरान भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा का विशेष महत्व है। फलों की कीमतों में दिखा उछाल करवा चौथ को लेकर बाजार में फलों की मांग बढ़ने के साथ कीमतों में भी तेजी देखी गई। बाजार में केला 60 रुपये दर्जन, सेब 120 रुपये किलो, संतरा 120 रुपये किलो और अनार 140 रुपये किलो बिक रहा है। पर्व को लेकर खरीदारी करने पहुंचीं महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार फल और पूजा सामग्री खरीदती दिखीं। 50 रुपये जोड़ा बिक रहा करवा-कलश बाजार में मिट्टी के बर्तन बेचने वाली मीना देवी और सुलोचना देवी ने बताया कि वे करवा चौथ के लिए मिट्टी के करवा और कलश 50 रुपये जोड़ा बेच रही हैं। दोनों ने सुबह चांदनी चौक पर फुटकर दुकान लगाई है। उनका कहना है कि त्योहार के मौसम में सड़क किनारे दुकान लगाकर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। दुकानदारों ने बताई अपनी परेशानी मीना देवी और सुलोचना देवी के अनुसार, दुकान लगाने के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें वहां से हटने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे गरीब परिवार से आती हैं और पर्व-त्योहार के समय थोड़ी कमाई कर परिवार चलाने की कोशिश करती हैं। ऐसे में दुकान लगाने से रोके जाने पर उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो जाती है। करवा चौथ के अवसर पर जहां शहर के बाजारों में खरीदारी को लेकर रौनक है, वहीं सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे दुकानदारों के लिए जगह की समस्या भी सामने आ रही है। त्योहार के इस माहौल में बाजार की चहल-पहल के साथ छोटे दुकानदारों की आजीविका का सवाल भी चर्चा में है।

