नवादा के गोविंदपुर प्रखंड स्थित उर्दू विद्यालय में नूतन उदया फाउंडेशन की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पेंटिंग प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। बच्चों को सम्मानित किया गया फाउंडेशन की संचालिका प्रगति श्रीवास्तव की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानना और शिक्षा के साथ-साथ कला एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक चित्र बनाए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को संस्था की ओर से कॉपी, पेन और पानी की बोतल देकर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर बच्चों में उत्साह देखने को मिला। व्यक्तित्व का विकास होना चाहिए आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है। फाउंडेशन की संचालिका प्रगति श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत है कि उसे पहचानकर आगे बढ़ने के लिए उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कला, रचनात्मकता और व्यावहारिक जानकारी के माध्यम से भी उनके व्यक्तित्व का विकास होना चाहिए। सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जानकारी दी वहीं, संस्था की सचिव संध्या सिंह ने कहा कि नूतन उदया फाउंडेशन बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत है। बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को साइबर क्राइम के खतरों के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें इंटरनेट और मोबाइल का इस्तेमाल सावधानी से करने, अनजान लोगों के झांसे में नहीं आने तथा अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। जरूरत पड़ने पर लें पुलिस की सहायता इसके अलावा छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से बचाव और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर वे चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों और शिक्षकों को जानकारी दें तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लें। कार्यक्रम को बच्चों की प्रतिभा, शिक्षा, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया। नवादा के गोविंदपुर प्रखंड स्थित उर्दू विद्यालय में नूतन उदया फाउंडेशन की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पेंटिंग प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। बच्चों को सम्मानित किया गया फाउंडेशन की संचालिका प्रगति श्रीवास्तव की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानना और शिक्षा के साथ-साथ कला एवं रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक चित्र बनाए। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को संस्था की ओर से कॉपी, पेन और पानी की बोतल देकर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर बच्चों में उत्साह देखने को मिला। व्यक्तित्व का विकास होना चाहिए आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है। फाउंडेशन की संचालिका प्रगति श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत है कि उसे पहचानकर आगे बढ़ने के लिए उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कला, रचनात्मकता और व्यावहारिक जानकारी के माध्यम से भी उनके व्यक्तित्व का विकास होना चाहिए। सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जानकारी दी वहीं, संस्था की सचिव संध्या सिंह ने कहा कि नूतन उदया फाउंडेशन बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत है। बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना संस्था का प्रमुख उद्देश्य है।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को साइबर क्राइम के खतरों के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें इंटरनेट और मोबाइल का इस्तेमाल सावधानी से करने, अनजान लोगों के झांसे में नहीं आने तथा अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। जरूरत पड़ने पर लें पुलिस की सहायता इसके अलावा छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से बचाव और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने की जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर वे चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों और शिक्षकों को जानकारी दें तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लें। कार्यक्रम को बच्चों की प्रतिभा, शिक्षा, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

