बांग्लादेश में साजिश रचकर गिराई गई थी हसीना सरकार:2 दिन पहले यूनुस से छात्रों ने संपर्क किया; विदेशी न्यूज एजेंसी के पत्रकार ने मदद की

बांग्लादेश में साजिश रचकर गिराई गई थी हसीना सरकार:2 दिन पहले यूनुस से छात्रों ने संपर्क किया; विदेशी न्यूज एजेंसी के पत्रकार ने मदद की

बांग्लादेश में साजिश के तहत शेख हसीना की सरकार गिराई गई थी। उनके खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान ही छात्र नेताओं ने इस बात पर चर्चा शुरू कर दी थी कि उनके बाद देश की कमान कौन संभालेगा। यह दावा अंतरिम सरकार के सलाहकार रहे मोहम्मद यूनुस के पूर्व प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने किया है। आलम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि छात्रों ने यूनुस से संपर्क करने में फ्रांस की न्यूज एजेंसी AFP के पत्रकार कादरुद्दीन शिशिर की मदद ली थी। वे चाहते थे कि नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार चलाएं। 5 अगस्त 2024 को हसीना ने बांग्लादेश छोड़ा था। इसके दो दिन पहले ही यूनुस और छात्रों के बीच बातचीत हुई थी। सुरक्षा एजेंसियों को बातचीत की जानकारी ही नहीं थी शफीकुल आलम के मुताबिक, छात्र नेताओं को यूनुस तक अपनी बात पहुंचाने के लिए एक भरोसेमंद व्यक्ति की जरूरत थी। ऐसे में AFP की ढाका स्थित फैक्ट-चेकिंग टीम के तत्कालीन संपादक कादरुद्दीन शिशिर ने दोनों पक्षों के बीच संपर्क कराने में मदद की। आलम ने दावा किया कि सुरक्षा एजेंसियों को इस बातचीत की जानकारी नहीं थी। अगर अधिकारियों को इसका पता चल जाता तो शिशिर और AFP की पूरी टीम को खतरा हो सकता था। आलम ने बातचीत का पूरा ब्योरा नहीं दिया। यह भी स्पष्ट नहीं है कि शिशिर की भूमिका केवल शुरुआती बातचीत कराने तक सीमित थी या उन्होंने आगे की बातचीत में भी हिस्सा लिया था। छात्र आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल नाहिद इस्लाम ने उन्हें अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बनाने का प्रस्ताव दिया था। बाद में यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी। हसीना सरकार के खिलाफ कैसे शुरू हुआ था आंदोलन? बांग्लादेश में 2024 में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ छात्र आंदोलन शुरू हुआ था। वहां सरकारी नौकरियों में 1971 के मुक्ति संग्राम में लड़ने वालों के परिवारों के लिए 30% तक सीटें आरक्षित थीं। छात्रों का कहना था कि इससे आम युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने के मौके कम हो रहे हैं। वे चाहते थे कि भर्ती में परीक्षा और योग्यता के आधार पर ज्यादा नौकरियां मिलें। इसी मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन धीरे-धीरे सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में बदल गया। सरकार की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र के आकलन के मुताबिक, जुलाई और अगस्त 2024 के दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई। यूनुस की अंतरिम सरकार के बाद सत्ता में आए तारिक रहमान यूनुस की अंतरिम सरकार का काम चुनाव कराकर सत्ता चुनी हुई सरकार को सौंपना था। इसके लिए 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव हुए, जिसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत हासिल की। पार्टी ने संसद की 300 में से 209 सीटें जीतीं। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके सत्ता संभालने के साथ ही यूनुस की अंतरिम सरकार का कार्यकाल खत्म हो गया। अब देश लौटना चाहती हैं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 19 अक्टूबर 2026 को कहा था कि वे दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। उन्होंने कहा कि, बांग्लादेश की मौजूदा तारिक रहमान सरकार उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, मार सकती है या टॉर्चर कर सकती है, लेकिन वे इन खतरों से नहीं डरतीं। हसीना ने कहा कि खतरा कितना भी हो, उन्हें इसकी परवाह नहीं है और उन्हें अपने देश लौटना ही है। रहमान की सरकार कई बार प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी तारिक रहमान की सरकार शेख हसीना को बांग्लादेश वापस भेजने की मांग कई बार उठा चुकी है। इस मुद्दे का असर बांग्लादेश और भारत के रिश्तों पर भी पड़ा है। भारत ने BRICS समिट में तारिक रहमान को शामिल होने का न्योता दिया था। इसके अलावा, फरवरी से ही भारत की ओर से उन्हें अलग से भारत आने का निमंत्रण दिया गया था। हालांकि, प्रधानमंत्री बनने के बाद से तारिक रहमान ने भारत का दौरा नहीं किया है। हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बना हुआ है। ——————————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के करीब जा रहे मालदीव राष्ट्रपति, विपक्ष ने चेताया: कहा- भारत को खतरा लगा तो नतीजा भुगतना पड़ेगा; मुइज्जू ने PAK से 20 समझौते किए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के पाकिस्तान से बढ़ते रिश्तों पर देश में विरोध शुरू हो गया है। मुइज्जू 20 से 22 अक्टूबर तक पाकिस्तान के दौरे पर थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार, रक्षा और समुद्री सुरक्षा समेत 20 समझौते हुए। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *