यमन (Yemen) में चल रही जंग तेज़ बढ़ती जा रही है। हूती विद्रोहियों (Houthis) और यमनी सरकार के बीच कंट्रोल को लेकर जंग चल रही है। हूती विद्रोही यमन की सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों पर हमले कर रहे हैं, तो वहीँ यमन की सेना हूतियों के कब्ज़े वाले इलाकों को निशाना बना रही है। सऊदी अरब (Saudi Arabia) भी हूतियों के कब्ज़े वाले इलाकों पर हमले कर रहा है, जिसके जवाब में हूती भी सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं। जंग का सबसे ज़्यादा असर निर्दोष लोगों पर पड़ रहा है।
2.81 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित
संयुक्त राष्ट्र – यूएन (United Nations – UN) के अनुसार अगस्त की शुरुआत से यमन में जारी जंग के कारण 2.81 लाख से ज़्यादा लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र के ‘मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय’ के ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं, जब यमन में जंग की वजह से स्थिति गंभीर होती जा रही है।
8 लाख लोगों तक नहीं पहुंच रही खाद्य सहायता
वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम – डब्ल्यूएफपी (World Food Programme – WFP) ने कुछ दिन पहले रिपोर्ट जारी की थी कि यमन में चल रही जंग की वजह से देश में 8 लाख लोगों तक खाद्य सहायता नहीं पहुंच पा रही है। जंग के बदलते मोर्चों, बंद सड़कों और सुरक्षा की बिगड़ती स्थितियों की वजह से कई अहम इलाकों तक खाद्य सहायता का पहुंचना बहुत मुश्किल हो गया है।
यमन में चल रही इस जंग का सबसे ज़्यादा असर ताइज़ शहर पर पड़ा है। यह ताइज़ प्रांत की राजधानी होने के साथ ही देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और जंग से सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर है। ताइज़ में जंग, लगातार हो रहे हमलों और सड़कों के बंद होने की आशंका के कारण हज़ारों विस्थापित परिवारों वाले इलाकों तक पहुंचना लगभग नामुमकिन सा हो गया है, जिससे इन परिवारों को काफी परेशानी हो रही है।
वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम के अनुसार अकेले ताइज़ में ही 6 लाख से ज़्यादा लोग खाद्य सहायता से वंचित हो गए हैं, जिनमें लगभग 2 लाख महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा यमन के पश्चिमी तट पर भी हाल ही में मदद पहुंचाने में रुकावटें देखने को मिली हैं।

