करवा-चौथ पर पत्नी को पत्नी ने दी किडनी:शामली में 15 साल से निभा रहीं साथ, अब ब्लैक फंगस से जूझ रहे पति की कर रहीं देखभाल

करवा-चौथ पर पत्नी को पत्नी ने दी किडनी:शामली में 15 साल से निभा रहीं साथ, अब ब्लैक फंगस से जूझ रहे पति की कर रहीं देखभाल

शामली के बिडौली में करवा चौथ पर सुहागिनें पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, लेकिन शामली के झिंझाना क्षेत्र के गांव मस्तगढ़ की संतोष देवी ने करीब 15 साल पहले पति की जिंदगी बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी थी। वर्ष 2010 में पति जितेंद्र कुमार की दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। ऐसे मुश्किल वक्त में संतोष ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अपनी किडनी देने का फैसला किया। ट्रांसप्लांट के बाद जितेंद्र को नया जीवन मिला। आज करवा चौथ पर इस दंपती की कहानी प्रेम, विश्वास और जीवनसाथी के प्रति समर्पण की मिसाल पेश कर रही है। पति की जिंदगी बचाने के लिए लिया फैसला वर्ष 2010 में जितेंद्र कुमार की दोनों किडनियां खराब होने के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी। परिवार ने कई अस्पतालों में उपचार कराया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी तो परिवार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। ऐसे समय में संतोष देवी ने पति की जान बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान करने का निर्णय लिया। ट्रांसप्लांट के बाद जितेंद्र की जिंदगी बच सकी। संतोष का यह फैसला उनके प्रेम और समर्पण की कहानी कहता है। 15 साल बाद भी पति के साथ खड़ी हैं संतोष किडनी ट्रांसप्लांट के करीब 15 साल बाद भी जितेंद्र को नियमित दवाइयों और देखभाल की जरूरत है। हाल ही में उनकी मुश्किलें फिर बढ़ गईं। वह पिछले दो महीने से ब्लैक फंगस की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे। इसी सप्ताह अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्हें घर लाया गया है। बीमारी के इस कठिन दौर में भी संतोष देवी पति की देखभाल में जुटी हैं और हर कदम पर उनका साथ निभा रही हैं। परंपरा से आगे बढ़कर निभाया जीवनसाथी का धर्म मस्तगढ़ के इस दंपती की कहानी बताती है कि जीवनसाथी के प्रति प्रेम केवल शब्दों और परंपराओं तक सीमित नहीं होता। मुश्किल समय में एक-दूसरे का सहारा बनना और हर परिस्थिति में साथ निभाना भी प्रेम का अहम रूप है। करीब डेढ़ दशक पहले पति को किडनी देकर उनकी जिंदगी बचाने वाली संतोष आज भी बीमारी के कठिन दौर में उनके साथ खड़ी हैं। करवा चौथ पर उनका यह सफर प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश देता है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *