निष्पादन में हुई प्रगति, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना की समीक्षा भी की गई

निष्पादन में हुई प्रगति, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना की समीक्षा भी की गई

हेल्थ रिपोर्टर|मधुबनी डीडीसी तुषार कुमार की अध्यक्षता में कायाकल्प योजना के तहत संचालित कार्यों तथा संत रविदास शिविरों की प्रगति की प्रखंडवार समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि 29 अक्टूबर को जिले के 13 प्रखंडों की 38 पंचायतों में संत रविदास शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिले के सभी 21 प्रखंडों के कुल 1,063 महादलित टोलों में शिविर आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके विरुद्ध अब तक 748 महादलित टोलों में शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। मालूम हो कि 27 अगस्त से प्रारंभ इन शिविरों के माध्यम से महादलित परिवारों को सरकार की विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक गुरुवार को महादलित टोलों में आयोजित होने वाले इन शिविरों का उद्देश्य पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। बैठक में कायाकल्प योजना के तहत आधारभूत संरचनाओं के निर्माण, जीर्णोद्धार एवं अन्य विकासात्मक कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपने-अपने प्रखंडों में संचालित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कार्यों की प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने तथा निर्माण कार्य शुरू होने से पहले और कार्य पूर्ण होने के बाद की स्थिति को दर्शाने वाले फोटो एवं वीडियो साझा करने का निर्देश दिया। इन फोटो एवं वीडियो को जिला स्तरीय सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से साझा कर विकास कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उप विकास आयुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। समीक्षा के दौरान संत रविदास शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों तथा उनके निष्पादन की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी गई। औपचारिक शिक्षा के तहत विद्यालयों में नामांकन के लिए प्राप्त 469 आवेदनों में से 464 का निष्पादन किया गया है। इसी प्रकार, ई-श्रम कार्ड के लिए प्राप्त 1,177 आवेदनों में से 1,095 तथा आयुष्मान कार्ड के लिए प्राप्त 3,325 आवेदनों में से 3,278 का निष्पादन किया जा चुका है। बुनियाद केंद्र से संबंधित 141 आवेदनों में से 132, मनरेगा जॉब कार्ड के लिए प्राप्त 1,483 आवेदनों में से 1,236 तथा जीविका समूह से संबंधित 233 आवेदनों में से 213 का निष्पादन किया गया है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों से संबंधित 523 आवेदनों में से 520 का निष्पादन किया जा चुका है। उप विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शेष आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि जिले के 39 महादलित टोलों में यह योजना संचालित है। इन टोलों के समग्र विकास के लिए वर्तमान में ग्राम विकास प्लान तैयार किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से आवश्यकतानुसार पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्यों को चिह्नित कर योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा। उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम विकास प्लान तैयार करते समय स्थानीय आवश्यकताओं और आम लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि इन टोलों में आधारभूत सुविधाओं का समुचित विकास हो सके। हेल्थ रिपोर्टर|मधुबनी डीडीसी तुषार कुमार की अध्यक्षता में कायाकल्प योजना के तहत संचालित कार्यों तथा संत रविदास शिविरों की प्रगति की प्रखंडवार समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि 29 अक्टूबर को जिले के 13 प्रखंडों की 38 पंचायतों में संत रविदास शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिले के सभी 21 प्रखंडों के कुल 1,063 महादलित टोलों में शिविर आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके विरुद्ध अब तक 748 महादलित टोलों में शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। मालूम हो कि 27 अगस्त से प्रारंभ इन शिविरों के माध्यम से महादलित परिवारों को सरकार की विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक गुरुवार को महादलित टोलों में आयोजित होने वाले इन शिविरों का उद्देश्य पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। बैठक में कायाकल्प योजना के तहत आधारभूत संरचनाओं के निर्माण, जीर्णोद्धार एवं अन्य विकासात्मक कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अपने-अपने प्रखंडों में संचालित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कार्यों की प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने तथा निर्माण कार्य शुरू होने से पहले और कार्य पूर्ण होने के बाद की स्थिति को दर्शाने वाले फोटो एवं वीडियो साझा करने का निर्देश दिया। इन फोटो एवं वीडियो को जिला स्तरीय सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से साझा कर विकास कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उप विकास आयुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। समीक्षा के दौरान संत रविदास शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों तथा उनके निष्पादन की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी गई। औपचारिक शिक्षा के तहत विद्यालयों में नामांकन के लिए प्राप्त 469 आवेदनों में से 464 का निष्पादन किया गया है। इसी प्रकार, ई-श्रम कार्ड के लिए प्राप्त 1,177 आवेदनों में से 1,095 तथा आयुष्मान कार्ड के लिए प्राप्त 3,325 आवेदनों में से 3,278 का निष्पादन किया जा चुका है। बुनियाद केंद्र से संबंधित 141 आवेदनों में से 132, मनरेगा जॉब कार्ड के लिए प्राप्त 1,483 आवेदनों में से 1,236 तथा जीविका समूह से संबंधित 233 आवेदनों में से 213 का निष्पादन किया गया है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों से संबंधित 523 आवेदनों में से 520 का निष्पादन किया जा चुका है। उप विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शेष आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के क्रियान्वयन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि जिले के 39 महादलित टोलों में यह योजना संचालित है। इन टोलों के समग्र विकास के लिए वर्तमान में ग्राम विकास प्लान तैयार किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से आवश्यकतानुसार पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्यों को चिह्नित कर योजनाबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा। उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम विकास प्लान तैयार करते समय स्थानीय आवश्यकताओं और आम लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि इन टोलों में आधारभूत सुविधाओं का समुचित विकास हो सके।  

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